आगरा में 28 कोरोना संक्रमितों की मौत के पीछे लापरवाही की आशंका, होगी जांच
- 28 मरीजों की मौत में लापरवाही की आशंका पर उनके भर्ती होने से लेकर, बीमारी, दवाएं, जांचें व चिकित्सकों का ब्योरा एसएन प्राचार्य से तलब किया है।
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आगरा में कोरोना मरीजों की मौत का आंकड़ा चिंताजनक है। प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक रविवार तक 1139 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें 77 की मौत हो गई है। इसमें 28 मरीजों की मौत में लापरवाही की आशंका पर उनके भर्ती होने से लेकर, बीमारी, दवाएं, जांचें व चिकित्सकों का ब्योरा एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से तलब किया गया है।
शनिवार को आगरा दौरे के अंतिम दिन ऊर्जा सचिव एवं आगरा के नोडल अधिकारी एम. देवराज और किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के प्रो. राहुल जनक सिन्हा ने स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन से बढ़ती मौतों की वजहों पर चर्चा की। इनमें 28 मृतक ऐसे मिले जो भर्ती होने के कुछ देर बाद या शाम को मर गए।
ऐसे मरीज कब आए ? कब उन्हें भर्ती किया? क्या दवाएं दी गईं? क्या बीमारी थी? जांच कितनी देर में हुई? कहीं लापरवाही तो नहीं हुई? ऐसे एक-एक मृतक का इमरजेंसी, सर्जरी, आइसोलेशन विभागाध्यक्ष व प्राचार्य से ऊर्जा सचिव ने ब्योरा मांगा गया है।
दोबारा ऑडिट होगा
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि 28 मरीजों की मौत का दोबारा ऑडिट होगा। इनके भर्ती होने व मृत्यु की अलग से रिपोर्ट शासन को जाएगी। मुख्यमंत्री के आदेश पर आगरा में कैंप कर चार दिन में नोडल अधिकारी ने यहां हालातों की समीक्षा की थी। अस्पताल व कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण किया। संक्रमण की रोकथाम व उपचार के इंतजामों को लेकर एक रिपोर्ट बनाई है। जिसे मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।
जवान मरीजों की मौतों पर भी सवाल
एसएन मेडिकल कॉलेज में कई जवान मरीजों की मौत हुई। इनकी मौत का कारण पता नहीं चला। प्रो. राहुल जनक ने इन मौतों के पीछे की वजह पूछी तो एसएन व स्वास्थ्य विभाग कोई जवाब नहीं दे सका। कई मरीजों को भर्ती करने में देर हुई। जबकि कई मरीजों को भर्ती करने के बाद तीन-चार दिन तक उपचार नहीं मिला। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी।
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