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UP: फ्लिपकार्ट सिस्टम में लगाई सेंध, ऑनलाइन डिलीवरी हब में 35 लाख का हुआ घोटाला; पुलिस ने दर्ज की FIR
Mon, 27 Apr 2026 11:10 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 27 Apr 2026 11:10 AM IST
सार
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में फ्लिपकार्ट के फर्स्ट माइल हब में कर्मचारियों द्वारा फर्जी डिलीवरी दिखाकर करीब 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जांच में 1443 शिपमेंट में गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद कंपनी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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FIR Demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऑनलाइन उत्पाद डिलीवर करने वाली कंपनी के हब से कर्मचारियों ने करीब 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। मामला सिकंदरा थाना क्षेत्र में फ्लिपकार्ट के फर्स्ट माइल हब से जुड़ा है, जहां इंस्टाकार्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पार्सल डिलीवरी का काम करती है। ग्राहक की शिकायत के बाद यह खुलासा हुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि आरके शर्मा ने डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि कंपनी देशभर में लॉजिस्टिक पार्टनर के रूप में कार्य करती है और फ्लिपकार्ट के लिए भी सेवाएं देती है। आगरा का फर्स्ट माइल हब लखनपुर गांव में संचालित है। विक्रेता गिरीश पिप्पल ने हब प्रबंधन को सूचना दी कि कई शिपमेंट सिस्टम में डिलीवर दिख रहे हैं, जबकि उन्हें पार्सल प्राप्त नहीं हुए। इसके बाद कंपनी ने आंतरिक जांच कराई।
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जांच में सामने आया कि डिलीवरी एसोसिएट सनी और मोहित बघेल अन्य कर्मचारियों की आईडी का चोरी से इस्तेमाल कर रहे थे। सनी, सुपरवाइजर नरेश की आईडी और मोहित, राहुल दीक्षित की आईडी का उपयोग कर रहे थे। सनी भराइच, हाथरस का और मोहित बघेल नगला चीता, मथुरा का है।
फर्जीवाड़े में यह तरीका अपनाया
आरोपियों ने कंपनी की ब्योड डिलीवरी एप का पुराना वर्जन इस्तेमाल किया। इस वर्जन में सुरक्षा नियंत्रण कमजोर थे, जिससे वे आसानी से हेरफेर कर सके। उन्होंने स्कैनिंग एंट्री, डिलीवरी टाइमिंग और रिकॉर्ड में बदलाव कर फर्जी डिलीवरी दर्ज की। 14 फरवरी, 2026 को 51 शिपमेंट डिलीवर दर्ज किए गए थे। सत्यापन में केवल 27 ही प्राप्त हुए, शेष 24 शिपमेंट फर्जी पाए गए। जांच में 27 शिपमेंट दोपहर 1:05 बजे के आसपास और बाकी 24 शिपमेंट करीब 4:04 बजे स्कैन किए गए।
आरोपियों ने कंपनी की ब्योड डिलीवरी एप का पुराना वर्जन इस्तेमाल किया। इस वर्जन में सुरक्षा नियंत्रण कमजोर थे, जिससे वे आसानी से हेरफेर कर सके। उन्होंने स्कैनिंग एंट्री, डिलीवरी टाइमिंग और रिकॉर्ड में बदलाव कर फर्जी डिलीवरी दर्ज की। 14 फरवरी, 2026 को 51 शिपमेंट डिलीवर दर्ज किए गए थे। सत्यापन में केवल 27 ही प्राप्त हुए, शेष 24 शिपमेंट फर्जी पाए गए। जांच में 27 शिपमेंट दोपहर 1:05 बजे के आसपास और बाकी 24 शिपमेंट करीब 4:04 बजे स्कैन किए गए।
कंपनी प्रतिनिधि का कहना है कि विस्तृत जांच में कुल 1443 शिपमेंट में गड़बड़ी सामने आई। इस धोखाधड़ी से कंपनी को लगभग 35 लाख रुपये का नुकसान हुआ। कंपनी की पूछताछ में दोनों आरोपियों सनी और मोहित बघेल ने धोखाधड़ी स्वीकार कर ली है। वहीं थाना प्रभारी सिकंदरा का कहना है कि जांच करने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।