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Agra: बच्चूमल एंड संस पर स्टेट जीएसटी का सर्वे, 28 घंटे तक चली कार्रवाई; जमा कराए 1.20 करोड़ रुपये
Fri, 12 Jan 2024 09:52 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jan 2024 09:52 AM IST
सार
बच्चूमल एंड संस फर्म की चार इकाइयों पर स्टेट जीएसटी का सर्वे 28 घंटे तक चला। इस सर्वे में फर्म से जुड़े दस्तावेज आदि की जांच की गई।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आगरा के चर्चित रेडीमेड गारमेंट व्यापारी बच्चूमल एंड संस फर्म की चार इकाइयों पर स्टेट जीएसटी का सर्वे बृहस्पतिवार को पूरा हो गया। 28 घंटे तक चली स्टेट जीएसटी की कार्रवाई के बाद बच्चूमल एंड संस से 1.20 करोड़ रुपये का टैक्स जमा कराया गया। टीम ने सर्वे में स्टॉक और बिल बुक में भारी अंतर पाया। फर्म ने ऐसी आईटीसी क्लेम कर रखी थी, जिनके लिए वह अधिकृत नहीं है।
स्टेट जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 मारुति शरण चौबे ने बताया कि वूमेंस प्लाजा समेत बच्चूमल एंड संस के चार प्रतिष्ठानों पर हमारी टीम ने कार्रवाई की थी, जो बृहस्पतिवार शाम को पूरी हो गई। 28 घंटे तक हमने जांच की और कई दस्तावेज एकत्र किए। फर्म ने बड़ी मात्रा में ऐसा आईटीसी क्लेम किया जो इनएलिजिबल है।
लग्जरी कार, बिल्डिंग मैटेरियल को आईटीसी में शामिल किया गया, वहीं फर्म ने नगदी का सेट ऑफ कम किया है। जांच में यह पाया गया कि जो स्टॉक है, उनका रिकाॅर्ड बिल बुक में नहीं है। भारी अंतर मिलने पर जांच के दौरान ही 1.20 करोड़ रुपये का टैक्स जमा कराया गया। टीम ने जो कागजात एकत्र किए हैं, उसके आधार पर जांच जारी रहेगी और उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी।
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स्टेट जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 मारुति शरण चौबे ने बताया कि वूमेंस प्लाजा समेत बच्चूमल एंड संस के चार प्रतिष्ठानों पर हमारी टीम ने कार्रवाई की थी, जो बृहस्पतिवार शाम को पूरी हो गई। 28 घंटे तक हमने जांच की और कई दस्तावेज एकत्र किए। फर्म ने बड़ी मात्रा में ऐसा आईटीसी क्लेम किया जो इनएलिजिबल है।
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लग्जरी कार, बिल्डिंग मैटेरियल को आईटीसी में शामिल किया गया, वहीं फर्म ने नगदी का सेट ऑफ कम किया है। जांच में यह पाया गया कि जो स्टॉक है, उनका रिकाॅर्ड बिल बुक में नहीं है। भारी अंतर मिलने पर जांच के दौरान ही 1.20 करोड़ रुपये का टैक्स जमा कराया गया। टीम ने जो कागजात एकत्र किए हैं, उसके आधार पर जांच जारी रहेगी और उसी के मुताबिक कार्रवाई होगी।
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