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Agra News: मासूमों की मौत के बाद परिवार को मिला दाल, चावल और आटा

Sat, 11 Jan 2025 03:04 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sat, 11 Jan 2025 03:04 PM IST
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After the death of innocent people, the family got pulses, rice and flour
कासगंज। सोरोंजी के गांव मानपुर नगरिया में दो मासूम बहनों की झोपड़ी में लगी आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। परिवार की अत्यंत दयनीय स्थिति है। हादसे के बाद नींद से जागे प्रशासन ने मासूमों की मौत के बाद उसके घर में दाल, चावल और आटा भिजवाया। साथ ही इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल किया गया।
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गांव मानपुर नगरिया निवासी मोहर सिंह पुत्र प्रह्लाद सिंह की झोपड़ी में बृहस्पतिवार की शाम को आग लग गई थी। इस हादसे में मोहर की पुत्री राधिका (5) और नंदिनी (1) जिंदा जलकर मर गई थी, इस दर्दनाक हादसे को देख गांव के लोग सिहर गए थे। जानकारी करने पर सामने आया कि जिस समय हादसा हुआ मोहर सिंह अपने और बच्चों के लिए शाम के भोजन के लिए पत्नी और बच्चों के साथ खेत पर बथुआ तोड़ने गए थे।
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इस तरह से सामने आया कि मोहर सिंह के परिवार की माली हालत काफी बदहाल है। मोहर सिंह के पास पक्का मकान तक नहीं है। हादसे में झोपड़ी पूरी तरह से जलकर राख हो चुकी है। मोहर सिंह ने बताया कि उसने कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान पाने की इच्छा जताई, आवेदन करने के साथ उसने जिम्मेदारों से गुहार तक लगाई। लेकिन उसे आवास नहीं मिल सका।
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बताया कि उसके पास राशन कार्ड तक नहीं है, इसलिए उसे राशन भी नहीं मिलता है। राशन कार्ड पाने के लिए भी उसने हजारों जतन किए थे, लेकिन सारे प्रयास ढाक के तीन पात साबित हुए, जो कुछ भी उसके पास था, सब कुछ जलकर हादसे में झोपड़ी के साथ जलकर राख हो चुका है। झोपड़ी में सब कुछ जलने और परिवार की स्थिति बदहाल देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को लेखपाल के माध्यम से परिवार के पास दाल, चावल, आटा आदि सामान भिजवाया।
अब जब मोहर दो बेटियों को खोकर परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे आ गया तो प्रशासन जागा है, एसडीएम ने डीएसओ को परिवार का राशन कार्ड बनवाने के लिए कहा। इसके साथ ही इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास देने के लिए योजना की पात्रता सूची में नाम शामिल कर लिया गया है। ऐसा लग रहा है कि जैसे प्रशासन को इस हादसे का ही इंतजार था और हादसे के बाद वह नींद से जाग गया है।
आधार कार्ड तक नहीं परिवार के पास
मोहर सिंह ने बताया कि उसके और उसके बच्चों के पास आधार कार्ड तक नहीं है। जब आधार कार्ड बनवाने सीएससी पर गया तो वहां से प्रति आधार कार्ड दो सौ रुपये मांगे। उसके पास इतने रुपये नहीं थे। साथ ही मूल निवास प्रमाण पत्र भी मांगा गया। यह भी उसके पास नहीं था।
राशन कार्ड के लिए भी किया प्रयास, नहीं बना
मोहर सिंह ने कहा कि उसके परिवार की हालत काफी खराब है। उसने कई बार राशन कार्ड के लिए प्रयास किया लेकिन उसका राशन कार्ड नहीं बना। इसके चलते उसे कभी राशन नहीं मिला।


परिवार की खराब स्थिति को देखते हुए लेखपाल को भेजकर फौरी व्यवस्थाएं की गई हैं। राशन कार्ड बनाए जाने के लिए डीएसओ कहा गया है। पीएम आवास योजना की पात्रता में भी परिवार को शामिल किया गया है। - कोमल पंवार, एसडीएम सदर

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