फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Advocates came out to protest against boycott of judicial work and ban on condolence meeting.

Agra News: न्यायिक कार्य के बहिष्कार और शोकसभा पर रोक के विरोध में उतरे अधिवक्ता

Fri, 30 Aug 2024 06:34 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Fri, 30 Aug 2024 06:34 PM IST
विज्ञापन
Advocates came out to protest against boycott of judicial work and ban on condolence meeting.
न्यायिक कार्य के बहिष्कार और शोकसभा पर रोक के विरोध में उतरे अधिवक्ता- दीवानी अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार, जिला बार एसोसिएशन ने बैठक कर जताई नाराजगी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। उच्च न्यायालय द्वारा अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य के बहिष्कार और शोकसभा पर रोक के निर्णय से जिले के अधिवक्ताओं में नाराजगी है। शुक्रवार को निर्णय के विरोध में दीवानी के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। वहीं जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर विरोध जताया। निर्णय के विरोध में न्यायिक अधिकारियों को पत्र भी भेजे।
विज्ञापन

दीवानी के अधिवक्ताओं ने विरोध करते हुए कार्य बहिष्कार किया। यहां अधिवक्ता सौरभ यादव की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में सभी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार और शोक सभा पर रोक के निर्णय का विरोध किया। बैठक में तैयार किए गए प्रस्ताव की प्रति विभिन्न न्यायालयों को भेजी गईं। यहां अधिवक्ता संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में दीवानी के अधिवक्ता कार्य बहिष्कार कर बैठक में शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सर्वेंद्र सिंह यादव की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट स्थित केंद्रीय कार्यालय पर एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक के बाद एडीएम न्यायिक को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि अधिवक्ता साथी की मृत्यु हो जाने पर शोक संदेश करना और उसकी अंत्येष्टि में शामिल होना अधिवक्ताओं का सामाजिक और मौलिक अधिकार है। इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करना न्यायपालिका द्वारा उचित नहीं है। न्यायपालिका के शोकसभा के निर्णय का सभी अधिवक्ताओं ने विरोध किया।


ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता समाज एक स्वतंत्र एवं आदर्श पेशा है। इसके द्वारा आजादी से लेकर आपातकाल की लड़ाई तक सदैव न्याय के संरक्षक के रूप में कार्य किया। जब आपातकाल में न्यायपालिका ने घुटने टेक दिए थे उस समय भी अधिवक्ताओं ने न्याय के लिए संघर्ष किया था और जेल गए थे। न्याय में देरी के लिए अधिवक्ताओं को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसके पीछे न्यायपालिका के अधिकारियों की उदासीनता आदि कारण हैं। बैठक में सभी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य के बहिष्कार पर रोक का विरोध किया। इस अवसर पर उपदेश यादव, मुकेश यादव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed