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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Adhik Maas 2023 Purushottam mas from 18 July to 16 August do not do this work even by mistake

Adhik Maas 2023: 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिकमास, भूल से भी न करें ये काम; हो सकता है बुरा परिणाम

Tue, 18 Jul 2023 09:38 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 18 Jul 2023 09:38 AM IST
सार

Adhik Maas 2023: हिंदी पंचांग के अनुसार 18 जुलाई से अधिक मास जिसे मल मास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं शुरू हो चुका है जो 16 अगस्त तक चलेगा। बता दें कि हिंदी कैलेंडर में ये महीना तीन साल में एक बार आता है और इसे बेहद दुर्लभ माना जाता है। श्रावण (सावन) मास के स्वामी भगवान शिव होते हैं वैसे ही अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु होते हैं। यही कारण है कि इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस मास में कई काम करने से जहां पुण्य मिलता है, वहीं कई काम इस माह में वर्जित माने गए हैं। 

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Adhik Maas 2023 Purushottam mas from 18 July to 16 August do not do this work even by mistake
अधिक मास - फोटो : self

विस्तार

अधिक मास जिसे मल मास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं, इस वर्ष 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिक मास है।  सावन के महीने में अधिकांश लोग शुभ कार्य करने का इंतजार करते हैं। पर, इस वर्ष 18 जुलाई से पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) शुरू हो रहा है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित माना जाता है। इसका समापन 16 अगस्त को होगा। इस समय सिर्फ श्रीहरि की पूजा कर पुण्य प्राप्त किया जा सकता है। श्रीहरि को अधिक मास का अधिपति कहा जाता है। यह कहना है ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय का।

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सात्विक भोजन करें

उन्होंने बताया कि ये महीना हर तीन साल में एक बार आता है। पुरुषोत्तम मास में शुभ कार्य करने पर रोक रहती है, लेकिन ये महीना दान-पुण्य के लिए शुभ माना जाता है। अधिकमास में विष्णुजी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है। श्रीमद्भागवत कथा सुने और सुनाएं। इस माह में दूध, दही, घी, गेहूं, चावल, केला, आम, अनार, खीरा, ककड़ी, सेंधा नमक, जीरा, चना आदि का सात्विक भोजन करें।

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दीपदान का विशेष महत्व

अधिक मास में पौधे लगाना, मंदिर में ध्वजा, दीपदान का विशेष महत्व होता है। अधिक मास में शादी तय कर सकते हैं और शुभ योग देख खरीदारी व नौकरी ज्वाइन कर सकते हैं, लेकिन इसमें तिलक, मुंडन, गृह प्रवेश, यज्ञ, दीक्षा लेना, देव प्रतिष्ठा, विवाह, श्राद्धकर्म आदि नहीं करना चाहिए।

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अति आवश्यक हो तो चुनें ये तिथि

श्रावण मास के जुलाई के महीने में 9, 11, 12, 17, 23, 27, 28, 30 और अगस्त 6, 8, 9, 14, 15 को शुभ कार्य कर सकते हैं।

कौन से काम नहीं करने चाहिए-

-पुरुषोत्तम मास में विवाह नहीं करना चाहिए
-मुंडन संस्कार
-नए घर के निर्माण कार्य का शुरुआत
-नए घर में प्रवेश
-यज्ञोपवीत संस्कार
-निजी उपयोग के लिए भूमि खरीदना
-वाहन खरीदना
-नववधू का ग्रह प्रवेश
-नए कुआं या बोरिंग का काम करवाना आदि काम वर्जित किए गए हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

-सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर सूर्य देव को जल जरूर चढ़ाएं। दोपहर व शाम को भी सोने से बचें।
-पति-पत्नी प्रेम से रहें, गृहक्लेश में न पड़ें। घर में अशांति से भगवान की कृपा नहीं मिलती।
-घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें क्योंकि लक्ष्मी हमेशा साफ सुथरे घर में ही निवास करती हैं।
-मांसाहार और नशे से बचें। इसके साथ ही अपवित्र चीजों के सेवन से भी बचें।
-माता-पिता व बुजुर्गों का अपमान न करें।

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