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शहरी गरीबों के आशियानों से खिलवाड़: आगरा में ध्वस्त होंगे बीएसयूपी के 3264 मकान, आईआईटी रुड़की ने दी जांच रिपोर्ट
Wed, 29 Sep 2021 09:58 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 29 Sep 2021 09:58 AM IST
सार
नरायच में आगरा विकास प्राधिकरण ने बनाए थे शहरी गरीबों के लिए 3584 भवन, आईआईटी रुड़की ने जांच रिपोर्ट के अनुसार केवल 320 मकान ही रहने लायक हैं, बाकी को ध्वस्त करने की सिफारिश की गई है।
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आगरा: ध्वस्त होंगे बीएसयूपी के मकान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अपनी छत के लिए तरस रहे शहरी गरीबों के आशियानों के साथ इंजीनियरों ने ऐसा खिलवाड़ किया कि एक दिन रहे बिना ही नरायच में बनाए गए बीएसयूपी के 3264 मकान ध्वस्त किए जाएंगे। आगरा विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों ने 3584 मकानों का निर्माण कराया था। आईआईटी रुड़की की जांच रिपोर्ट में केवल 320 भवन ही रहने लायक पाए गए। बाकी 3264 मकान ध्वस्त करने की सिफारिश की है।
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बेसिक सर्विस फॉर अरबन पूअर (बीएसयूपी) आवास योजना के तहत नरायच में बने 3584 भवनों की जांच आईआईटी रुड़की ने मार्च में शुरू की थी। इसकी जांच रिपोर्ट आगरा विकास प्राधिकरण को बुधवार को सौंप दी गई। नरायच में 3640 मकान बनाए जाने थे, लेकिन एडीए ने यहां 3584 मकान बनाए। बेहद घटिया गुणवत्ता के भवनों के कॉलम और बीम में दरारें आ गईं। आईआईटी रुड़की को 67.50 लाख रुपये देकर एडीए ने जांच कराई थी कि यह भवन अब रहने लायक हैं या नहीं। आईआईटी ने 3264 मकानों को जर्जर बताते हुए रहने लायक नहीं माना है। केवल ए, बी और सी ब्लॉक के 320 भवन ही रहने लायक बताए गए हैं, जिनका निर्माण शुरुआती दौर में किया गया। इन मकानों पर 127 करोड़ रुपये की लागत आई थी। 3264 मकानों पर खर्च हुए 115 करोड़ रुपये बर्बाद हो जाएंगे। इन मकानों में एक भी दिन कोई आवंटी नहीं रह पाया।
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रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे इंजीनियर्स
आईआईटी रुड़की की जांच रिपोर्ट का आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारी अध्ययन कर रहे हैं। इंजीनियरों का मानना है कि जिस तरह के भवन बने हैं, उन्हें ध्वस्त करना होगा। आईआईटी की रिपोर्ट शासन भेज दी जाएगी।
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कॉलम में दरारें, सरिया आ गई बाहर
नरायच में एडीए के तत्कालीन इंजीनियरों द्वारा शहरी गरीबों के लिए बनाए गए 3584 मकानों में इतना घटिया निर्माण कराया गया कि कॉलम में दरारें आ गईं और सरिया बाहर निकल आईं। ठेकेदार द्वारा निर्माण को देखा ही नहीं गया। कॉलम में बड़ी बड़ी दरारें पूरे चार मंजिल तक आ गई। यह भवन कभी भी गिर सकते हैं।
आवंटन के बाद 6 साल से भटक रहे आवंटी
नरायच में बने शहरी गरीबों के बीएसयूपी मकानों को एडीए ने बनाना शुरू किया तो इसका आवंटन भी डूडा ने शुरू कर दिया। अधूरे मकानों को आवंटियों को हैंडओवर नहीं किया गया। शीला देवी दो माह से नरायच में आवंटित भवन का पत्र लेकर डूडा कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। उनकी तरह इन भवनों के आवंटियों का अपने घर का सपना एडीए इंजीनियरों के भ्रष्टाचार के चलते टूट गया।
आज निरीक्षण करने जाएंगे उपाध्यक्ष
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया बुधवार को नरायच में भवनों का निरीक्षण करने के लिए जाएंगे। उनके साथ एडीए के अधिकारी होंगे, जो रहने लायक भवनों और ध्वस्त होने लायक भवनों के ब्लॉक का निरीक्षण करेंगे।
इंजीनियरों पर होगी सख्त कार्रवाई
आईआईटी रुड़की की टीम की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। केवल 320 भवन ठीक हालत में हैं, जहां रहा जा सकता है। बाकी भवन रहने लायक नहीं हैं। शासन को यह रिपोर्ट भेजी जाएगी। ध्वस्तीकरण का फैसला शासन से होगा। जिन इंजीनियरों ने इन मकानों को बनाया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। - डॉ. राजेंद्र पैंसिया, उपाध्यक्ष, एडीए
आगरा: एडीए के बनाए मकानों की टूट रही छत, 127 करोड़ के मकान भी हुए खंडहर
नरायच में एडीए के तत्कालीन इंजीनियरों द्वारा शहरी गरीबों के लिए बनाए गए 3584 मकानों में इतना घटिया निर्माण कराया गया कि कॉलम में दरारें आ गईं और सरिया बाहर निकल आईं। ठेकेदार द्वारा निर्माण को देखा ही नहीं गया। कॉलम में बड़ी बड़ी दरारें पूरे चार मंजिल तक आ गई। यह भवन कभी भी गिर सकते हैं।
आवंटन के बाद 6 साल से भटक रहे आवंटी
नरायच में बने शहरी गरीबों के बीएसयूपी मकानों को एडीए ने बनाना शुरू किया तो इसका आवंटन भी डूडा ने शुरू कर दिया। अधूरे मकानों को आवंटियों को हैंडओवर नहीं किया गया। शीला देवी दो माह से नरायच में आवंटित भवन का पत्र लेकर डूडा कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। उनकी तरह इन भवनों के आवंटियों का अपने घर का सपना एडीए इंजीनियरों के भ्रष्टाचार के चलते टूट गया।
आज निरीक्षण करने जाएंगे उपाध्यक्ष
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया बुधवार को नरायच में भवनों का निरीक्षण करने के लिए जाएंगे। उनके साथ एडीए के अधिकारी होंगे, जो रहने लायक भवनों और ध्वस्त होने लायक भवनों के ब्लॉक का निरीक्षण करेंगे।
इंजीनियरों पर होगी सख्त कार्रवाई
आईआईटी रुड़की की टीम की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। केवल 320 भवन ठीक हालत में हैं, जहां रहा जा सकता है। बाकी भवन रहने लायक नहीं हैं। शासन को यह रिपोर्ट भेजी जाएगी। ध्वस्तीकरण का फैसला शासन से होगा। जिन इंजीनियरों ने इन मकानों को बनाया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। - डॉ. राजेंद्र पैंसिया, उपाध्यक्ष, एडीए
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