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सचिन हत्याकांड: अफवाह फैलाई... झूठा मुकदमा दर्ज कराया, ससुरालीजन ने साक्ष्य मिटाए; हकीकत सुनकर सभी रह गए सन्न

Sun, 29 Oct 2023 12:41 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 29 Oct 2023 12:41 PM IST
सार

आगरा में बहुचर्चित बैंक प्रबंधक सचिन हत्याकांड के मामले में आरोपियों ने अफवाह फैलाई। झूठा मुकदमा दर्ज कराया। ससुरालीजन ने साक्ष्य मिटाए। आगे के प्लान की हकीकत सुनकर सभी लोग सन्न रह गए। 

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accused tried to mislead police murder of Sachin Upadhyay in Agra
Agra Bank Manager Murder Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में बहुचर्चित बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय हत्याकांड के बाद आरोपियों ने पहले दिन से ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। पहले पुलिस को आत्महत्या की सूचना वारदात के दूसरे दिन दी। बाद में सचिन के घरवालों पर सहमति से रात में ही पोस्टमार्टम कराने का दबाव डाला। बात नहीं बनी तो प्रियंका से दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दर्ज करवाकर दबाव डालने की कोशिश की।

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विभव एग्जॉटिका निवासी सचिन उपाध्याय की हत्या की वारदात को पहले तो रसूखदार ससुर बिजेंद्र रावत, उनके बेटे कृष्णा और बेटी प्रियंका ने आत्महत्या दर्शाने का भरपूर प्रयास किया। पुलिस को भी आत्महत्या का मामला बताया। पुलिस की छानबीन में प्रकाश में आया कि इस दौरान हत्यारोपियों ने साक्ष्यों को नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 
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हत्या के बाद कपड़ों को धोखा गया। कमरे में भी सफाई की गई। इसके बाद पुलिस को वारदात के दूसरे दिन सूचना दी गई। पुलिस पहुंची तो सचिन का शव एंबुलेंस में रखा मिला। मौके से फंदा लगाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। रस्सी आदि भी नहीं मिली थी। इस पर पुलिस ने साक्ष्य मिटाने की धारा बढ़ाई थी।

सचिन के पिता केशवदेव ने बताया कि प्रियंका व उसके घरवाले रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने पर अड़़े थे। इसके लिए वह पंचनामा पर हस्ताक्षर कराने आए थे, लेकिन बेटे के शरीर पर चोटों के निशान देखकर उन्हें शक हो गया था। इसके बाद उन्होंने डीसीपी सिटी सूरज राय से मिलकर पोस्टमार्टम पैनल से कराने की मांग की थी। इतना ही नहीं हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस पर दबाव डालकर प्रियंका ने झूठा दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी उनके खिलाफ दर्ज कराया। हालांकि बाद में उसे पुलिस आयुक्त ने खारिज करवा दिया।

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फ्लैट अपने नाम कराना चाहती थी प्रियंका

केशवदेव शर्मा ने बताया की बहू का रवैया शुरू से ही खराब था। इसके बाद ही उन्होंने बेटे को सुकून से रहने के लिए 2017 में विभव एग्जोटिका में फ्लैट खरीदकर दिया। इनकी किस्त भी वह प्रतिमाह भर रहे हैं। बहू प्रियंका का कहना था कि फ्लैट उसके नाम रजिस्टर्ड कराया जाए, जबकि उन्होंने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। उन्होंने बताया कि बहू से कहा था कि फ्लैट तुम्हारा ही है। पिता का कहना है कि जिस तरह बेटे की हत्या की गई, उससे साफ है कि बहू ने हत्या करवाई है, जबकि पिता व भाई ने सहयोग किया है।

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