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UP: आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ऐसा हादसा...बस के उड़े परखच्चे, तीन घंटे बाद निकाली गई चालक की लाश
Fri, 04 Jul 2025 08:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 04 Jul 2025 08:16 AM IST
सार
बस चालक को झपकी आने से ये हादसा हुआ। तेज धमाके के बाद यात्री जाग गए। कुछ यात्रियों के हल्की चोटें भी आई थीं। घटना के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई थी।
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आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के थाना फतेहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 32 पर लखनऊ से सवारियां लेकर दिल्ली जा रही बस आगे चल रहे ट्रेलर में घुस गई। हादसे में सहायक चालक की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन सवारियां घायल हो गईं।
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पुलिस के मुताबिक की शुक्रवार सुबह 2:50 बजे लखनऊ से दिल्ली जा रही बस एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 32 के पास पहुंची, तभी चालक को नींद की झपकी आ गई। बस आगे चल रहे ट्रेलर में घुस गई। ट्रेलर को 30 मीटर आगे तक घसीटती हुई ले गई। धमाके की आवाज सुनते ही बस में सो रही सवारियों की नींद खुल गई। सवारियां एक दूसरे के ऊपर गिरने लगीं, जिससे बस में चीख पुकार मच गई। हादसा इतना भीषण था कि सहायक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस समय मुख्य चालक केबिन में सो रहा था, वो केबिन में ही फंस गया। जानकारी पर यूपीडा सहित थाना फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में भेजा गया।
ये हुए घायल
रनवीर पुत्र मनोज कुमार उम्र 28 वर्ष रोहतक के पास आजमगढ़ , सचिन पुत्र अशोक कुमार यादव निवासी आलमबाग लखनऊ, उषा देवी पत्नी दिनेश कुमार निवासी गाजियाबाद, सुनील पुत्र रनवीर निवासी रोहतक हरियाणा, राजवीर पुत्र रनवीर सिंह निवासी झुंझुनू राजस्थान, विकास पुत्र रामनिवास निवासी झुंझुनू राजस्थान घायल हो गए।
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रनवीर पुत्र मनोज कुमार उम्र 28 वर्ष रोहतक के पास आजमगढ़ , सचिन पुत्र अशोक कुमार यादव निवासी आलमबाग लखनऊ, उषा देवी पत्नी दिनेश कुमार निवासी गाजियाबाद, सुनील पुत्र रनवीर निवासी रोहतक हरियाणा, राजवीर पुत्र रनवीर सिंह निवासी झुंझुनू राजस्थान, विकास पुत्र रामनिवास निवासी झुंझुनू राजस्थान घायल हो गए।
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प्रथम चालक राजवीर ने बताया कि बस लखनऊ से 27 सवारियां लेकर दिल्ली जा रही थी, तभी लखनऊ के टोल प्लाजा निकलते ही उसने सहायक परिचालक महेश को बस दे दी । इसके बाद वो सामान रखने वाली डिग्गी में जाकर खाना खाकर सो गया। बस परिचालक विकास ने बताया कि वह सो रहा था, तभी धमाके की आवाज सुनकर जाग गया। बस में किसी से टकराकर मुंह तथा अन्य जगह शरीर में छोटे आई हैं। मृतक सहायक चालक महेश सिरोही राजस्थान का रहने वाला था। बस मालिक को सूचना दी गई है। परिजन मौके पर पहुंच रहे हैं। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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हादसे के बाद नहीं पहुंची समय पर जेसीबी और कटर मशीन
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे के बाद बस का चालक केबिन में करीब तीन घंटे तक फंसा रहा, लेकिन मौके पर मौजूद एक्सप्रेसवे की जिम्मेदार संस्था एटलस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां घटना के बाद जरूरी संसाधन नहीं पहुंचा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की सूचना पर एटलस की टीम हाइड्रा और क्रेन लेकर मौके पर पहुंची, लेकिन वे ट्रेलर में फंसी बस को अलग नहीं कर पाए। पुलिस व यूपीड़ा की टीम ने चालक को बाहर निकालने के प्रयास किए, लेकिन असफल रहे। इस बीच चौकी इंचार्ज लुहारी ने एटलस टीम से जेसीबी और कटर मशीन बुलाने को कहा, लेकिन तीन घंटे बाद भी कोई भारी मशीन मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस और यूपीड़ा की टीम ने दूसरे ट्रेलर की मदद से फंसे ट्रेलर को खिंचवाया, तब जाकर चालक के शव को बाहर निकाला जा सका। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे के बाद बस का चालक केबिन में करीब तीन घंटे तक फंसा रहा, लेकिन मौके पर मौजूद एक्सप्रेसवे की जिम्मेदार संस्था एटलस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां घटना के बाद जरूरी संसाधन नहीं पहुंचा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की सूचना पर एटलस की टीम हाइड्रा और क्रेन लेकर मौके पर पहुंची, लेकिन वे ट्रेलर में फंसी बस को अलग नहीं कर पाए। पुलिस व यूपीड़ा की टीम ने चालक को बाहर निकालने के प्रयास किए, लेकिन असफल रहे। इस बीच चौकी इंचार्ज लुहारी ने एटलस टीम से जेसीबी और कटर मशीन बुलाने को कहा, लेकिन तीन घंटे बाद भी कोई भारी मशीन मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस और यूपीड़ा की टीम ने दूसरे ट्रेलर की मदद से फंसे ट्रेलर को खिंचवाया, तब जाकर चालक के शव को बाहर निकाला जा सका। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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आधा किलोमीटर तक लगा जाम
हादसे के बाद बस और ट्रेलर सड़क के बीचों बीच फंसे रहे, जिससे एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। करीब आधा किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात को काफी देर तक रोकना पड़ा। इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि हाईटेक कहे जाने वाले एक्सप्रेसवे पर यदि किसी बड़े हादसे की स्थिति में राहत और बचाव कार्य में इतनी लापरवाही होगी, तो यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो पाएगी।
हादसे के बाद बस और ट्रेलर सड़क के बीचों बीच फंसे रहे, जिससे एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। करीब आधा किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात को काफी देर तक रोकना पड़ा। इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि हाईटेक कहे जाने वाले एक्सप्रेसवे पर यदि किसी बड़े हादसे की स्थिति में राहत और बचाव कार्य में इतनी लापरवाही होगी, तो यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो पाएगी।