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भगवान कृष्ण के सुदर्शन की तरह होगी हाइपरसोनिक मिसाइल
Updated Wed, 01 Nov 2017 07:58 PM IST
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श्री कृष्ण
- फोटो : demo pic
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मथुरा। ब्रह्ममोस एयरोस्पेस के संस्थापक और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रोफेसर व पद्म भूषण ए सिवाथानू पिल्लई ने कहा अब भारत हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार कर रहा है। जो सुदर्शन चक्र की तरह लक्ष्य भेदेगी और वापस अपने स्थान पर आ जाएगी। भारत की सेनाएं सीमा पर किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम हैं। प्रो. पिल्लई जीएलए विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने आए थे।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा सुपरसोनिक मिसाइल के बाद अब भारत हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक पर कार्य कर रहा है। वो आज भगवान श्री कृष्ण की नगरी में हैं। हाइपर सोनिक मिसाइल को भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से समझा जा सकता है। जो मन की गति से लक्ष्य को भेदता है और वापस श्रीकृष्ण की उंगली पर आ जाता था। भारत इसी प्रकार की हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित कर रहा है। जो दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त कर वापस अपने स्थान पर आ जाएगी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश की जल, थल और वायुसेना सीमा पर किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है। भारत अंतरिक्ष में नित नए प्रयोग कर रहा है। रक्षा तकनीकी के क्षेत्र में मेक इन इंडिया की सोच खासी असरकारी साबित हुई है। ब्रह्ममोस इसका जीवंत उदाहरण है।
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा सुपरसोनिक मिसाइल के बाद अब भारत हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक पर कार्य कर रहा है। वो आज भगवान श्री कृष्ण की नगरी में हैं। हाइपर सोनिक मिसाइल को भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से समझा जा सकता है। जो मन की गति से लक्ष्य को भेदता है और वापस श्रीकृष्ण की उंगली पर आ जाता था। भारत इसी प्रकार की हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित कर रहा है। जो दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त कर वापस अपने स्थान पर आ जाएगी।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश की जल, थल और वायुसेना सीमा पर किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है। भारत अंतरिक्ष में नित नए प्रयोग कर रहा है। रक्षा तकनीकी के क्षेत्र में मेक इन इंडिया की सोच खासी असरकारी साबित हुई है। ब्रह्ममोस इसका जीवंत उदाहरण है।
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