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बीएसए की नहीं सुन रहे खंड शिक्षाधिकारी
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:18 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जिले में तैनात बीएसए के आदेशों की खंड शिक्षाधिकारी अवहेलना कर रहे हैं। इससे शिक्षकों तथा कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बार-बार आदेश जारी होने के बाद भी शिक्षकों की समस्याओं का समय से निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
बीएसए विजय प्रताप शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए कई बार निर्देश जारी कर चुके हैं, लेकिन खंड शिक्षाधिकारी उनके आदेशों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। 500 से अधिक शिक्षकों की समस्याएं बीएसए कार्यालय में लंबित चल रही हैं। खंड शिक्षाधिकारी न तो शिक्षामित्र और अनुदेशकों की उपस्थिति समय से भेज रहे हैं और न ही अन्य समस्याओं के निस्तारण पर कोई ध्यान दिया जा रहा है। यहां तक कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के बकाया भुगतान कराने में भी खंड शिक्षाधिकारी रूचि नहीं ले रहे हैं।
खंड शिक्षाधिकारियों की लापरवाही के कारण 31 मार्च 2017 को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के देयकों का भुगतान नहीं हो सका। दर्जनों की संख्या में शिक्षक बीएसए तथा लेखाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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दर्जनों शिक्षकों ने बकाया भुगतान के लिए आवेदन किए हैं, लेकिन खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय से उनके बिल तैयार नहीं किए जा रहे हैं। जिससे बकाया भुगतान के लिए शिक्षकों को बीएसए व खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। शिक्षकों के एरियर का भुगतान भी समय से नहीं किया जा रहा है।
जनपद में तैनात 2157 शिक्षामित्रों तथा 886 अनुदेशकों को दो माह से मानदेय नहीं मिला है। बीएसए ने 15 दिन पहले शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों की उपस्थिति के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए थे, लेकिन बुधवार तक उपस्थिति नहीं उपलब्ध कराई गई।
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बीएसए विजय प्रताप शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए कई बार निर्देश जारी कर चुके हैं, लेकिन खंड शिक्षाधिकारी उनके आदेशों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। 500 से अधिक शिक्षकों की समस्याएं बीएसए कार्यालय में लंबित चल रही हैं। खंड शिक्षाधिकारी न तो शिक्षामित्र और अनुदेशकों की उपस्थिति समय से भेज रहे हैं और न ही अन्य समस्याओं के निस्तारण पर कोई ध्यान दिया जा रहा है। यहां तक कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के बकाया भुगतान कराने में भी खंड शिक्षाधिकारी रूचि नहीं ले रहे हैं।
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खंड शिक्षाधिकारियों की लापरवाही के कारण 31 मार्च 2017 को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के देयकों का भुगतान नहीं हो सका। दर्जनों की संख्या में शिक्षक बीएसए तथा लेखाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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दर्जनों शिक्षकों ने बकाया भुगतान के लिए आवेदन किए हैं, लेकिन खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय से उनके बिल तैयार नहीं किए जा रहे हैं। जिससे बकाया भुगतान के लिए शिक्षकों को बीएसए व खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। शिक्षकों के एरियर का भुगतान भी समय से नहीं किया जा रहा है।
जनपद में तैनात 2157 शिक्षामित्रों तथा 886 अनुदेशकों को दो माह से मानदेय नहीं मिला है। बीएसए ने 15 दिन पहले शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों की उपस्थिति के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए थे, लेकिन बुधवार तक उपस्थिति नहीं उपलब्ध कराई गई।