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खुशखबरी: चंबल में पहुंचे 634 नन्हे कछुए, दुनिया से लुप्त हो रहीं इन दो दुर्लभ प्रजातियों को मिला नया जीवन

Wed, 20 May 2026 11:51 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 20 May 2026 11:51 AM IST
सार

चंबल नदी में मंगलवार को 634 नन्हे बटागुर कछुओं को सुरक्षित रूप से छोड़ा गया, जिससे एक सप्ताह में कुल 1214 कछुओं का संरक्षण हुआ। वन विभाग के संरक्षण प्रयासों से लुप्तप्राय कछुओं की प्रजातियों को नई जीवन सुरक्षा मिल रही है और उनकी संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

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634 Baby Batagur Turtles Released into Chambal River in Conservation Effort
नदी में छोड़े जा रहे कछुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चंबल नदी के कुनबे में मंगलवार को 634 नन्हे बटागुर कछुए शामिल हो गए। लुप्तप्राय स्थिति में पहुंचे बटागुर कछुओं की ढोर और साल प्रजाति के हैचिंग में जन्मे बच्चों को वन विभाग का अमला चंबल नदी तक पहुंचाने में जुटा है। एक सप्ताह में 1214 नन्हें कछुए चंबल में दस्तक दे चुके हैं।
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बटागुर कछुए दुनिया में लुप्तप्राय स्थिति में पहुंच गए हैं। अच्छी बात ये है कि बटागुर कछुओं के जीवन के लिए चंबल नदी का पानी मुफीद साबित हो रहा है। वन विभाग के संरक्षण के प्रयास भी फलीभूत हो रहे हैं। बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि मंगलवार को नंदगवा घाट पर 534 तथा दूसरे घाट पर 100 साल और ढोर प्रजाति के कछुओं को जन्म के बाद वन दरोगा राहुल जादौन, राजेश कुमार, चंद्रभान और टिंकू ने नदी तक सुरक्षित छोड़ा।

 
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उन्होंने बताया कि फरवरी-मार्च में कछुओं की नेस्टिंग हुई थी। मई के पहले सप्ताह में हैचिंग पीरियड शुरू होने पर अंडों की सुरक्षा के लिए नेस्ट पर लगाई जाली को हटा लिया गया था। सियार आदि जंगली जानवरों से अंडों के नष्ट होने का खतरा रहता है। जाली हटाने के बाद मादा अपने नेस्ट की बालू को कुरेदती है, बालू पर बैठ कर अंडों को सेती है।
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अंडों से बच्चे निकलने पर निगरानी करने वाली वन विभाग की टीम कछुओं के नन्हे मेहमानों को इकट्ठा कर नदी में छोड़ती है। कछुओं की ढोर प्रजाति सिर्फ चंबल नदी में बची है, जबकि साल प्रजाति के 98 फीसदी कछुए चंबल नदी में एवं 2 फीसदी कछुए यमुना और गंगा नदी में बचे हैं। रेंजर ने बताया कि कछुओं के नेस्ट की दिन रात निगरानी की जा रही है। वंश वृद्धि से वन विभाग का अमला उत्साहित है।
 
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