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मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
Updated Wed, 21 Nov 2018 10:51 PM IST
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- फोटो : PTI
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कासगंज। अपर जिला सत्र न्यायालय/ त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या एक सुंदर लाल के न्यायालय ने एक मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर देने के मामले में एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अमांपुर क्षेत्र के एक गांव में 8 अक्तूबर 2010 को पांच वर्षीय बालिका की गांव के ही भूपसिंह ने दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। मासूम के पिता इस मामले के आरोपी के घर पर शिकायत करने पहुंचे तो उसके भाई अमर सिंह ने उन पर तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया। इसके बाद उन्होंने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी ने 8 गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने गवाहों के बयानों एवं पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर अमर सिंह को दोष मुक्त कर दिया। जबकि भूपसिंह को कोर्ट ने मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने धारा 302 के तहत दोषी को आजीवन कारावास की सजा व 50 हजार का जुर्माना लगाया। जबकि धारा 376 के तहत आरोपी को 10 साल की सजा व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजा में जुर्माना अदा न करने पर 2 वर्ष के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। जुर्माने से प्राप्त धनराशि में से 80 हजार रुपये मृतका के पिता को दिए जाएंगे। जबकि 20 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा होंगे। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
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अमांपुर क्षेत्र के एक गांव में 8 अक्तूबर 2010 को पांच वर्षीय बालिका की गांव के ही भूपसिंह ने दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। मासूम के पिता इस मामले के आरोपी के घर पर शिकायत करने पहुंचे तो उसके भाई अमर सिंह ने उन पर तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया। इसके बाद उन्होंने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी ने 8 गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने गवाहों के बयानों एवं पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर अमर सिंह को दोष मुक्त कर दिया। जबकि भूपसिंह को कोर्ट ने मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने धारा 302 के तहत दोषी को आजीवन कारावास की सजा व 50 हजार का जुर्माना लगाया। जबकि धारा 376 के तहत आरोपी को 10 साल की सजा व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजा में जुर्माना अदा न करने पर 2 वर्ष के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। जुर्माने से प्राप्त धनराशि में से 80 हजार रुपये मृतका के पिता को दिए जाएंगे। जबकि 20 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा होंगे। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
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