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राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाए 7847 वाद
Updated Sat, 14 Jul 2018 10:55 PM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाए 7847 वाद
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें न्यायाधीशों ने 7847 मामलों का निस्तारण किया है। जबकि 29 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी वसूला गया।
जिला जज सुभाष चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित की गई। सुबह से शुरू हुई राष्ट्रीय अदालत का आयोजन शाम तक किया गया ।इसमें मौजूद सभी न्यायाधीशों ने मामलों की सुनवाई करते हुए 7847 वादों का निस्तारण करते हुए वादकारियों को राहत दी गई। इतना ही नहीं लोक अदालत में एवार्ड राशि के रुप में 2961021 रुपये भी वसूल किए गए। वसूले गई एवार्ड राशि एवं निपटाए गए मामलों में प्रशासनिक कोर्ट, नगर पालिका,बैंक रिकवरी और बीएसएन विभाग के मामले शामिल है। लोक अदालत आयोजन के मौके पर सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय के लाल के साथ ही न्यायाधीश फैमिली कोर्ट, सीजेएम सहित अन्य न्यायाधीश मौजूद थे।
कासगंज में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 693 वाद निस्तारित
राज्य विधिक सेवा प्राधिकारण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय में किया गया। इसका शुभारंभ प्रभारी अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद न्यायधीश कृपाशंकर शर्मा ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 693 वादों का निस्तारण किया गया।
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प्रभारी जिला जज एवं अपर जिला जज कृपाशंकर शर्मा ने दो वाद, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विजेश कुमार ने तीन वाद निस्तारित किए। अपर जिला जज कक्ष संख्या - चार धीरेंद्र कुमार ने सात वाद निस्तारित किए और 41900 रुपये का अर्थ दंड वसूल किया। 40000 रुपये मोटर दुर्घटना के रूप में एवार्ड किए गए। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या एक सुंदरलाल ने आठ वाद निस्तारित कर 3500 रुपये का अर्थदंड वसूला। इसके साथ ही 150000 रुपये मोटर दुर्घटना के रूप में एवार्ड किए गए। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या दो विकास गोस्वामी ने 95 वाद निस्तारित किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भारत सिंह यादव ने 48 वादों का निस्तारण कर 25300 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए। सिविल जज सीनियर डिविजन हरेंद्र कुमार ओझा ने एक वाद निस्तारित कर 356986 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। प्रथम सिविल जज जूनियर डिविजन अंकुर गर्ग ने 48 वाद निस्तारित कर 19450 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेंद्र कुमार ने 41 वादों का निस्तारित कर 9300 रुपये अर्थदंड वसूला। प्रशासनिक और राजस्व अधिकारीगण द्वारा जिलाधिकारी के निर्देशन में 278 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा 81 मामले 2475634 रुपये से संबंधित निस्तारित किए गए। भारत संचार निगम लिमिटेड द्वारा 82 मामले निस्तारित कर 106113 रुपये की धनराशि की रिकवरी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में न्यायिक कर्मी एवं वादकारी मौजूद रहे।
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जिला जज सुभाष चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित की गई। सुबह से शुरू हुई राष्ट्रीय अदालत का आयोजन शाम तक किया गया ।इसमें मौजूद सभी न्यायाधीशों ने मामलों की सुनवाई करते हुए 7847 वादों का निस्तारण करते हुए वादकारियों को राहत दी गई। इतना ही नहीं लोक अदालत में एवार्ड राशि के रुप में 2961021 रुपये भी वसूल किए गए। वसूले गई एवार्ड राशि एवं निपटाए गए मामलों में प्रशासनिक कोर्ट, नगर पालिका,बैंक रिकवरी और बीएसएन विभाग के मामले शामिल है। लोक अदालत आयोजन के मौके पर सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय के लाल के साथ ही न्यायाधीश फैमिली कोर्ट, सीजेएम सहित अन्य न्यायाधीश मौजूद थे।
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कासगंज में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 693 वाद निस्तारित
राज्य विधिक सेवा प्राधिकारण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय में किया गया। इसका शुभारंभ प्रभारी अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद न्यायधीश कृपाशंकर शर्मा ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 693 वादों का निस्तारण किया गया।
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प्रभारी जिला जज एवं अपर जिला जज कृपाशंकर शर्मा ने दो वाद, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विजेश कुमार ने तीन वाद निस्तारित किए। अपर जिला जज कक्ष संख्या - चार धीरेंद्र कुमार ने सात वाद निस्तारित किए और 41900 रुपये का अर्थ दंड वसूल किया। 40000 रुपये मोटर दुर्घटना के रूप में एवार्ड किए गए। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या एक सुंदरलाल ने आठ वाद निस्तारित कर 3500 रुपये का अर्थदंड वसूला। इसके साथ ही 150000 रुपये मोटर दुर्घटना के रूप में एवार्ड किए गए। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या दो विकास गोस्वामी ने 95 वाद निस्तारित किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भारत सिंह यादव ने 48 वादों का निस्तारण कर 25300 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए। सिविल जज सीनियर डिविजन हरेंद्र कुमार ओझा ने एक वाद निस्तारित कर 356986 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। प्रथम सिविल जज जूनियर डिविजन अंकुर गर्ग ने 48 वाद निस्तारित कर 19450 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेंद्र कुमार ने 41 वादों का निस्तारित कर 9300 रुपये अर्थदंड वसूला। प्रशासनिक और राजस्व अधिकारीगण द्वारा जिलाधिकारी के निर्देशन में 278 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा 81 मामले 2475634 रुपये से संबंधित निस्तारित किए गए। भारत संचार निगम लिमिटेड द्वारा 82 मामले निस्तारित कर 106113 रुपये की धनराशि की रिकवरी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में न्यायिक कर्मी एवं वादकारी मौजूद रहे।