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Mainpuri: प्रधानमंत्री आवास योजना में चार सचिवों ने किया 2.30 लाख का गबन, रिकवरी के आदेश

Wed, 02 Nov 2022 03:06 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: आगरा ब्यूरो Updated Wed, 02 Nov 2022 03:06 PM IST
सार

पंचायत सचिवों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जीवाड़ा कर 2.30 लाख रुपये का गबन किया है। मामले का खुलासा होने पर सीडीओ ने वेतन से रिकवरी करने के आदेश दिए हैं। 

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Four panchayat secretaries embezzled in Pradhan Mantri Awas Yojana in mainpuri
विकास भवन मैनपुरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में चार सचिवों ने 2.30 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया। अलग-अलग विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में अपात्रों के खाते में आवास की धनराशि भेज दी गई। आवास अपूर्ण होने पर जब जांच कराई गई तो पूरा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने फर्जीवाड़े की धनराशि सचिवों के वेतन से वसूलने के आदेश जारी किए हैं। 

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पूरा मामला तीन विकास खंडों से संबंधित है। विकास खंड करहल की ग्राम पंचायत सिरसा में 2020-21 में पंचायत सचिव मनोज राजपूत की तैनाती थी। अपनी तैनाती के दौरान मनोज राजपूत ने जसवंत सिंह को अपात्र होने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 40 हजार रुपये की प्रथम किस्त खाते में भेज दी। 

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इस क्षेत्र में भी हुआ घपला 

इसी प्रकार विकास खंड जागीर की ग्राम पंचायत सगामई में 2020-21 में पंचायत सचिव रोहित जौहरी ने अंजली पत्नी धीरेंद्र के खाते में 40 हजार और करहल के गांव सहस में पंचायत सचिव प्रदीप कुमार ने 2017-18 में अपात्र गंगाश्री पत्नी लाखन सिंह के खाते में 40 हजार की धनराशि भेज दी। 

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इसके अलावा जागीर की ग्राम पंचायत पुडऱी में वर्ष 2020-21 में सचिव अनुज मिश्रा ने अपात्र लाखन सिंह के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार और द्वितीय किस्त के रूप में 70 हजार रुपये दे दिए। इस प्रकार कुल 2.30 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। जब ये चारों आवास पूर्ण नहीं हुए तो इनकी रिपोर्ट शासन से मांगी गई। 

मामले की जब खंड विकास अधिकारियों से जांच कराई गई तो पता चला कि ये चारों लोग अपात्र थे। खंड विकास अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर चारों सचिवों के वेतन से रिकवरी के आदेश सीडीओ विनोद कुमार ने दिए हैं। वेतन से रिकवरी के आदेश से सचिवों में खलबली है। 

तीन से एकमुश्त तो एक से किस्तों में होगी वसूली 

चार सचिवों से आवास की धनराशि की वसूली की जानी है। मनोज राजपूत, रोहित जौहरी और प्रदीप कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। इनके वेतन से जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा 40-40 हजार रुपये की रिकवरी एकमुश्त की जाएगी। वहीं तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी व वर्तमान एडीओ अनुज मिश्रा से तीन किस्तों में वसूली होगी। अनुज मिश्रा प्रथम दो किस्तों में 40-40 हजार और अंतिम किस्त में 30 हजार रुपये की वसूली की जाएगी। 

मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में चार अपात्रों को धनराशि देने का मामला सामने आया है। चारों सचिवों के वेतन से रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। हर हाल में इसी माह वेतन से वसूली की जाएगी। 

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