फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   33 crores spent, Suhaganagri could not be made a safe city even in 7 months: Commissioner

33 करोड़ खर्च, 7 माह में भी सुहागनगरी नहीं बन सकी सेफ सिटी : कमिश्नर

Fri, 08 Sep 2023 08:43 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Fri, 08 Sep 2023 08:43 PM IST
विज्ञापन
33 crores spent, Suhaganagri could not be made a safe city even in 7 months: Commissioner

विज्ञापन
फिरोजाबाद। नगर निगम ने मंडलायुक्त रितु महेश्वरी के आगमन की तैयारियां जोरों से कराईं, लेकिन मंडलायुक्त ने कई दिनों से चल रही तैयारियों की कलई महज कुछ देर में खोल दी। सेफ सिटी के तहत 33 करोड़ के इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के बारे में विभाग के आला अधिकारियों से सवाल जवाब किए तो हर कोई हक्का बक्का रह गया। विभागीय अधिकारी और कार्यदायी संस्था जवाब तक नहीं दे सके।
स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत प्रथम फेज में हो रहे कार्यों की हकीकत जाने के लिए मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी शुक्रवार को सुहागनगरी आईं। सबसे पहले अटल पार्क का निरीक्षण किया। कुछ देर बाद सीधे नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। वहां पर 33 करोड़ की लागत से तैयार किए गए आईटीएमएस सिस्टम की जानकारी ली। आईटीएमएस सिस्टम के संचालन में मंडलायुक्त को कई तरह की खामियां मिलीं। आईटीएमएस सिस्टम को लेकर पूछे सवालों का निगम के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जिस पर उन्होंने असंतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पैसे खर्च हुए हैं, जवाबदेही सभी की है। सेफ सिटी के तहत आईटीएमएस को सभी थानों से भी लिंक हो जाना चाहिए था, लेकिन इस पर कोई काम नहीं किया जा सका।
विज्ञापन


इन बिंदुओं पर मंडलायुक्त ने जताई नाराजगी
-फरवरी में स्थापित आईटीएमएस सिस्टम के जरिए हुए लगभग 5 करोड़ के 60 हजार चालान नहीं हुए जनरेट।
-सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगे वाहनों की लाइव लोकेशन जानने को सिस्टम से नहीं जोड़ा जा सका।
- ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, पब्लिक अनाउंस सिस्टम में मिली खामियां। चौराहे पर सीधे नियम तोड़ने वालों की अनदेखी की जा रही।
-चौराहों पर होने वाली गतिविधियों का डाटा संकलन के काम में भी खामी।
-आईटीएमएस सिस्टम के तहत चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग में गड़बड़ी।
-पुलिस थाना, प्रमुख बाजार, गोशाला और प्राइवेट संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे आईटीएमएस से जोड़ने का काम अधूरा।
-सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयों की लाइव लोकेशन डाटा एकत्रिकरण काम का अधूरा।
-सिस्टम संचालन को जरूरी मानव संपदा सृजन की कार्रवाई भी अधूरी।
---
एक माह में पूरा कराएं स्मार्ट रोड का काम
मंडलायुक्त ने शहर में बन रही 23 करोड़ की लागत से बनाई जा रही सड़क पर पहुंचीं। सबसे पहले सुभाष तिराहा पर मंडलायुक्त ने डीएम, नगर आयुक्त एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से स्मार्ट रोड निर्माण कार्य में हो रही देरी पर भी सवाल किए। अधिकारियों दो माह में काम पूरा कराने की बात कही, लेकिन उन्होंने कड़े निर्देशों के साथ स्मार्ट रोड निर्माण का काम एक माह में पूरा कराने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
व्यापारी वर्ग से मांगा सहयोग
स्मार्ट रोड की परिधि में आए दुकानदार भी व्यापारी नेताओं के साथ मंडलायुक्त से मिले। बस स्टैंड से सटी दुकानों के ध्वस्तीकरण एवं स्टेशन रोड के सामने स्थित दुकानों को ध्वस्त कराने के एवज में मुआवजा दिलाने की बात कही। जिस पर मंडलायुक्त ने दो टूक कहा कि शहर के विकास के लिए छोटी-मोटी हानि होना स्वभाविक है। दुकानदार व व्यापारी वर्ग स्मार्ट रोड निर्माण में अड़चन डालने की जगह सहयोग देने की कोशिश करें।
---
स्मार्ट रोड की पैमाइश में नहीं होगा भेदभाव
कुछ पार्षदों ने मंडलायुक्त से कहा कि स्मार्ट रोड़ की पैमाइश में अधिकारियों ने मनमानी की है। प्रभावशाली लोगों के भवन व प्रतिष्ठान के सामने सड़क सुकुड़ गई है। जबकि कुछ जगहों पर निजी भवनों को तोड़ने जैसी कार्रवाई की जा रही है। इस पर मंडलायुक्त ने कहा कि सभी लोग जिला प्रशासन पर भरोसा रखें। किसी के साथ मनमानी नहीं होगी।
---
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने की कर्मचारी की शिकायत
मंडलायुक्त के आगमन से पूर्व निगम के सामने स्थित ठेल व गुमटी लगाने वालों पर निगम कर्मियाें का कहर टूटा। व्यापारी नेताओं रवींद्र लाल तिवारी और सुनील अग्रवाल ने आरोप लगाया कि छकौड़ी लाल नामक कर्मचारी ने एक चाट विक्रेता चंदन जैन के पूरे स्टॉल को तहस नहस करा दिया।इस पर मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त घनश्याम मीणा से जांच कर उचित कार्रवाई को कहा।

---
अटल पार्क में व्यवस्थाएं मिलीं चौकस
आगरा से आने के बाद मंडलायुक्त सीधे अटल पार्क पहुंची। पार्क के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पार्क के रखरखाव का खास ख्याल रखने को कहा ।
---
निर्माण विभाग से ठेकेदारों का जमावड़ा हटवाने की मांग
-पार्षद अजय गुप्ता, देशदीपक आदि ने मंडलायुक्त से निगम के निर्माण विभाग में ठेकेदारों का जमावड़ा लगने की शिकायत की। पार्षदों का आरोप था कि गोपनीय फाइलें भी ठेकेदारों के हाथ आसानी से लग जाती हैं। जिससे वह लोग ठेके में खेल कर देते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के कुछ लोग इसमें शामिल है। यह लोग सुबह से शाम तक निर्माण विभाग में बैठे रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed