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नाबा लग से दुराचार में दोषी को 10 वर्ष का कारावास
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:30 PM IST
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कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृपा शंकर शर्मा कक्ष संख्या एक ने नाबालिग को बंधक बनाकर दुराचार करने के मामले में शनिवार को आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई। वहीं दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया है।
विगत छह अक्तूबर 2015 को एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी को पुरुषोत्तम उर्फ परसा पुत्र ठाकुरदास बहलाफुसलाकर ले गया और चार दिन तक बंधक बनाकर दुराचार किया। इसके बाद वह किशोरी को छोड़कर भाग गया। आरोपी के चुंगल से मुक्त हुई किशोरी ने घर पहुंचकर परिजनों को मामले की जानकारी दी। मामले में किशोरी के पिता ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली कासगंज में अभियोग पंजीकृत कराया। किशोरी का मेडिकल करा कलमबंद बयान दर्ज किए गए।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार को बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने आरोपी के अपराध को गंभीर बताते हुए अधिकतम सजा की पैरवी की।
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दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृपा शंकर शर्मा ने आरोपी को अलग अलग धारा में 10 साल की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया। न्यायालय ने जुर्माने की आधी राशि को किशोरी के पिता को अदा करने के निर्देश दिए हैं।
विगत छह अक्तूबर 2015 को एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी को पुरुषोत्तम उर्फ परसा पुत्र ठाकुरदास बहलाफुसलाकर ले गया और चार दिन तक बंधक बनाकर दुराचार किया। इसके बाद वह किशोरी को छोड़कर भाग गया। आरोपी के चुंगल से मुक्त हुई किशोरी ने घर पहुंचकर परिजनों को मामले की जानकारी दी। मामले में किशोरी के पिता ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली कासगंज में अभियोग पंजीकृत कराया। किशोरी का मेडिकल करा कलमबंद बयान दर्ज किए गए।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार को बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने आरोपी के अपराध को गंभीर बताते हुए अधिकतम सजा की पैरवी की।
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दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृपा शंकर शर्मा ने आरोपी को अलग अलग धारा में 10 साल की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया। न्यायालय ने जुर्माने की आधी राशि को किशोरी के पिता को अदा करने के निर्देश दिए हैं।