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बढ़ रहा यमुना का जलस्तर
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:55 PM IST
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यमुना में बढ़ा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन (मथुरा)। यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। ऐसे में पानी बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग चिंतित हो उठे हैं। पिछले दो दिनों में यमुना के जलस्तर में हुई वृद्धि के बाद रविवार को पांटून पुल को हटा दिया गया। इसे लेकर लोग और भी परेशान हैं।
यहां प्रशासनिक स्तर से घाट किनारे नदी के जल को मापने की कोई व्यवस्था न होने के कारण क्षेत्रीय लोग किनारे पर पानी की स्थिति से ही जानकारी कर लेते हैं। बताते हैं कि पानी बढ़ा तो जुगलघाट, कालीदह, सूरजघाट, बिहारघाट, पानीघाट, भ्रमरघाट और शृंगारवट इससे बुरी तरह से प्रभावित होंगे। वहीं, यमुना नगर कालोनी, दुर्गा पुरम कालोनी, हुड़दंग नगर, गौरानगर का कुछ हिस्सा, ग्राम राजपुर खादर, पानी गांव खादर, ग्राम सकराया खादर, डागौंली, यमुना पार के ग्राम जहांगीरपुर और बेगमपुर में अगर जलस्तर बढ़ा और बाढ़ आई तो लगभग 10 हजार लोगों के पलायन की स्थिति बन जाएगी।
स्थितियां बता रही हैं कि जलस्तर में कुछ और बढ़ोत्तरी हुई तो यहां कई परिवारों को यमुना किनारा छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है। स्थानीय निवासी बुद्धाराम, हरिओम ने कहा कि ऊपरी इलाकों में बारिश होने के बाद यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
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पानी बढ़ने की संभावना से कार्य में तेजी
यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने के साथ यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना की निर्माण संस्था सिंचाई विभाग ने कार्य में तेजी शुरूकर दी है। सीट पाइलिंग के साथ किनारे बेस डालने का कार्य भी दिन रात किया जा रहा है। सीट पाइलिंग के बाद यमुना किनारे सीढ़ियों के निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
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यहां प्रशासनिक स्तर से घाट किनारे नदी के जल को मापने की कोई व्यवस्था न होने के कारण क्षेत्रीय लोग किनारे पर पानी की स्थिति से ही जानकारी कर लेते हैं। बताते हैं कि पानी बढ़ा तो जुगलघाट, कालीदह, सूरजघाट, बिहारघाट, पानीघाट, भ्रमरघाट और शृंगारवट इससे बुरी तरह से प्रभावित होंगे। वहीं, यमुना नगर कालोनी, दुर्गा पुरम कालोनी, हुड़दंग नगर, गौरानगर का कुछ हिस्सा, ग्राम राजपुर खादर, पानी गांव खादर, ग्राम सकराया खादर, डागौंली, यमुना पार के ग्राम जहांगीरपुर और बेगमपुर में अगर जलस्तर बढ़ा और बाढ़ आई तो लगभग 10 हजार लोगों के पलायन की स्थिति बन जाएगी।
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स्थितियां बता रही हैं कि जलस्तर में कुछ और बढ़ोत्तरी हुई तो यहां कई परिवारों को यमुना किनारा छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है। स्थानीय निवासी बुद्धाराम, हरिओम ने कहा कि ऊपरी इलाकों में बारिश होने के बाद यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
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पानी बढ़ने की संभावना से कार्य में तेजी
यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने के साथ यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना की निर्माण संस्था सिंचाई विभाग ने कार्य में तेजी शुरूकर दी है। सीट पाइलिंग के साथ किनारे बेस डालने का कार्य भी दिन रात किया जा रहा है। सीट पाइलिंग के बाद यमुना किनारे सीढ़ियों के निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।