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आगरा: जिला जेल पहुंची फिल्म हनुमान अंश की टीम, बंदियों से किया संवाद; सकारात्मक बदलाव का दिया संदेश
Thu, 03 Sep 2026 06:35 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 03 Sep 2026 06:35 PM IST
सार
बाबा नीब कराैरी के दिव्य प्रसंगों पर आधारित फिल्म हनुमान अंश की टीम आगरा जिला जेल पहुंची। जेल में बंदियों से संवाद कर बाबा नीब करौरी की सेवा, करुणा और आध्यात्मिक प्रेरणा से जुड़ने का आह्वान किया।
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जिला जेल पहुंची फिल्म हनुमान अंश की टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा जिला जेल में बंदियों के मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक उत्थान के उद्देश्य से बाबा नीब कराैरी के दिव्य प्रसंगों पर आधारित फिल्म हनुमान अंश की टीम बृहस्पतिवार को पहुंची। सामाजिक एवं गैर-व्यावसायिक पहल के तहत फिल्म के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्या, अभिनेत्री पूर्णिमा तिवारी, संगीत निर्देशक साधु तिवारी व ऋषि पाठक, एसोसिएट एडिटर रीतिश केशरवानी ने बंदियों से सीधा व आत्मीय संवाद किया।
संवाद के दौरान टीम ने साझा किया कि वे एक सामाजिक एवं आध्यात्मिक उद्देश्य को लेकर कार्य कर रहे हैं। यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एक सुंदर व प्रभावशाली आध्यात्मिक संदेश समाहित है। इसके माध्यम से बंदियों के मन में सकारात्मक परिवर्तन और आत्मचिंतन की भावना जागृत हो सकती है, जिससे वे अतीत की गलतियों को भुलाकर नई दिशा पा सकें।
कलाकारों ने बंदियों के भीतर प्रभु श्रीराम, सीताराम एवं हनुमान जी के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा जगाने के साथ-साथ बाबा नीब करौरी की सेवा, करुणा और आध्यात्मिक प्रेरणा से जुड़ने का आह्वान किया। टीम ने बताया कि कारागार के तनावपूर्ण वातावरण में ईश्वर-नाम और सदाचरण ही आंतरिक शांति का सच्चा संबल है। संगीत निर्देशक साधु तिवारी ने मैंने तेरे ही भरोसे, पार्वती और आवागमन जैसे भावपूर्ण भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी, जिसे बंदियों ने अत्यधिक सराहा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा, जेलर राजेश कुमार राय, देवदर्शन सिंह सहित अन्य कारागार अधिकारी उपस्थित रहे।
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संवाद के दौरान टीम ने साझा किया कि वे एक सामाजिक एवं आध्यात्मिक उद्देश्य को लेकर कार्य कर रहे हैं। यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एक सुंदर व प्रभावशाली आध्यात्मिक संदेश समाहित है। इसके माध्यम से बंदियों के मन में सकारात्मक परिवर्तन और आत्मचिंतन की भावना जागृत हो सकती है, जिससे वे अतीत की गलतियों को भुलाकर नई दिशा पा सकें।
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कलाकारों ने बंदियों के भीतर प्रभु श्रीराम, सीताराम एवं हनुमान जी के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा जगाने के साथ-साथ बाबा नीब करौरी की सेवा, करुणा और आध्यात्मिक प्रेरणा से जुड़ने का आह्वान किया। टीम ने बताया कि कारागार के तनावपूर्ण वातावरण में ईश्वर-नाम और सदाचरण ही आंतरिक शांति का सच्चा संबल है। संगीत निर्देशक साधु तिवारी ने मैंने तेरे ही भरोसे, पार्वती और आवागमन जैसे भावपूर्ण भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी, जिसे बंदियों ने अत्यधिक सराहा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा, जेलर राजेश कुमार राय, देवदर्शन सिंह सहित अन्य कारागार अधिकारी उपस्थित रहे।
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