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किसानों तक पहुंच रही पानी में भीगी हुई खाद
Updated Wed, 26 Sep 2018 11:06 PM IST
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किसानों तक पहुंच रही पानी में भीगी हुई खाद
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। किसानों तक पहुंच रहा खाद पानी में भीग चुका है, जिसे गोदाम से निकाल कर दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। जबकि यह खाद पूरी तरह से खराब हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि भीगने के बाद जिस फसल पर भी खाद डाला जाएगा। उसमें खाद 25 प्रतिशत कम असर दिखाएगी।
दरअसल, निधौली रोड स्थित पीएसएफ गोदाम में 2200 टन डीएपी, 800 टन यूरिया और 279 टन एनपीके खाद रखा हुआ है। जिसमें से एनपीके खाद पूरी तरह से भीगी हुई है। आलम यह है कि गोदाम का फर्श पूरी तरह से भीगा हुआ है। गोदाम में से उठान करने वाले पल्लेदारों के भी कपड़े इस तरह से भीग जाते हैंए जैसे वह बरसात में ही काम करके आए हो। जानकारों का कहना है कि अगर एक बार खाद भीग जाए तो वह खराब हो जाती है।
. रैक के आने वाले दिन हुीई थी बारिश
पीसीएफ गोदाम के प्रभारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि जिस दिन एनपीके खाद की रैक आई थी। उस दिन बारिश हो रही थी। उसी बारिश में खाद से भरे ट्रक रेलवे स्टेशन से गोदाम तक आए थे। उसी दिन खाद भीग गई थी।
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. 25 प्रतिशत तक कम हो जाएगा पोषक तत्व - वीरेन्द्र सिंह
कृषि विज्ञान केन्द्र अवागढ़ के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि अगर खाद भीग जाती है तो उसके पोषक तत्वों में करीब 25 प्रतिशत का असर पड़ता है। अगर खाद के निकला हुआ पानी अगर किसी पौधे में लगा दिया जाए तो पौधा ही नष्ट हो जाता है। इसलिए किसान भीगे हुए खाद को खेत में डालने से बचाव करें।
हमेशा बंद डिपो में खाद आती थी। इस बार टिरपाल से कवर होकर खाद आई थी। इससे जानकारी में आया है कि बारिश से खाद भीग गई है। इसको लेकर इफको से बात की जा रही है। या तो किसानों को सस्ते रेट पर दी जाएगी या फिर इसको वापस किया जाएगा।
दीपक सिंह, एआ - कॉपरेटिव
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दरअसल, निधौली रोड स्थित पीएसएफ गोदाम में 2200 टन डीएपी, 800 टन यूरिया और 279 टन एनपीके खाद रखा हुआ है। जिसमें से एनपीके खाद पूरी तरह से भीगी हुई है। आलम यह है कि गोदाम का फर्श पूरी तरह से भीगा हुआ है। गोदाम में से उठान करने वाले पल्लेदारों के भी कपड़े इस तरह से भीग जाते हैंए जैसे वह बरसात में ही काम करके आए हो। जानकारों का कहना है कि अगर एक बार खाद भीग जाए तो वह खराब हो जाती है।
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. रैक के आने वाले दिन हुीई थी बारिश
पीसीएफ गोदाम के प्रभारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि जिस दिन एनपीके खाद की रैक आई थी। उस दिन बारिश हो रही थी। उसी बारिश में खाद से भरे ट्रक रेलवे स्टेशन से गोदाम तक आए थे। उसी दिन खाद भीग गई थी।
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. 25 प्रतिशत तक कम हो जाएगा पोषक तत्व - वीरेन्द्र सिंह
कृषि विज्ञान केन्द्र अवागढ़ के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि अगर खाद भीग जाती है तो उसके पोषक तत्वों में करीब 25 प्रतिशत का असर पड़ता है। अगर खाद के निकला हुआ पानी अगर किसी पौधे में लगा दिया जाए तो पौधा ही नष्ट हो जाता है। इसलिए किसान भीगे हुए खाद को खेत में डालने से बचाव करें।
हमेशा बंद डिपो में खाद आती थी। इस बार टिरपाल से कवर होकर खाद आई थी। इससे जानकारी में आया है कि बारिश से खाद भीग गई है। इसको लेकर इफको से बात की जा रही है। या तो किसानों को सस्ते रेट पर दी जाएगी या फिर इसको वापस किया जाएगा।
दीपक सिंह, एआ - कॉपरेटिव