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Agra News: किराए का भवन न मिलने से नहीं खुले 178 आंगनबाड़ी केंद्र

Thu, 27 Jun 2024 03:10 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 27 Jun 2024 03:10 AM IST
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178 Anganwadi centers did not open due to non-availability of rented buildings.
कासगंज। जिले में लगभग डेढ़ दशक पहले मंजूर किए गए 178 आंगनबाडी केंद्रों को खोलने के लिए विभाग को किराए के भवन तक नहीं मिल पा रहे, जिससे इन केंद्रों का संचालन नहीं हो पा रहा। बच्चे व गर्भवती महिलाएं व बच्चे पोषाहार योजना का लाभ पाने से भी वंचित रहते हैं।
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शासन से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए पोषाहार योजना संचालित की जाती है। शासन से वर्ष 2011-12 में जिले के लिए 178 केंद्र मंजूर किए गए। ताकि बच्चों व महिलाओं को नजदीक स्थल पर ही योजनाओं का लाभ मिल सके। इन केंद्रों पर आंगनबाड़ी की तैनाती के लिए रिक्तियां निकाली गई, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया, जिससे ये केंद्र शुरू नहीं हो सके। इन केंद्रों को खोलने के लिए सरकार ने तीन साल पहले फिर से प्रयास शुरू किए। केंद्रों के लिए सरकारी स्कूल, पंचायत घर, या विभाग के भवन न होने की स्थिति में किराए के भवन लेकर इनको खाेलने के निर्देश मिले लेकिन यह व्यवस्था भी परवान नहीं चढ़ सकी। जिससे केंद्रों का संचालन शुरू नहीं हो पाया।
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प्री प्राइमरी शिक्षा से भी वंचित हैं बच्चे
शासन से तीन से छह साल तक के बच्चों को शिक्षा के लिए तैयार करने को आंगनबाड़ी केंद्राें के माध्यम से प्री प्राइमरी शिक्षा की व्यवस्था की गई है। तीन चरणों में बच्चों को तैयार किया जाना है, जिससे छह साल की उम्र पूरी होने पर बच्चे को परिषदीय स्कूल में प्रवेश दिलाया जा सके लेकिन केंद्र न खुल पाने से इन बच्चों को यह शिक्षा भी नहीं मिल पा रही।
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जिले में स्वीकृत केंद्र-2445
संचालित केंद्रों की संख्या -2267


जो केंद्र बंद चल रहे हैं उनको खोलने के लिए किराए के भवन न मिल पाने से समीपवर्ती केंद्र की आंगनबाडी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बच्चों व महिलाओं के नाम भी पोषष ट्रेकर पर जोड़े जा रहे हैं। अब तक 132 केंद्रों को सबंद्ध कर दिया गया है। जल्द ही सभी केंद्र संबद्ध कर लिए जाएंगे, जिससे बच्चों व महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिल सके- सुशीला, डीपीआरओ
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