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एक क्लिक में स्कूल और छात्रों का कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखेगा डाटा
Updated Fri, 19 Oct 2018 10:49 PM IST
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एटा। रजिस्ट्रेशन से लिंक हुई ऑन लाइन एफिलिएटिड स्कूल इनफॉरमेशन सिस्टम (ओसिस) साइट से सीबीएसई स्कूलों व छात्र-छात्राओं का कच्चा चिट्ठा एक क्लिक के साथ कंप्यूटर स्क्रीन पर होगा। ऐसे में इस बार परीक्षा केंद्र से लेकर अन्य व्यवस्थाएं भी जीपीएस के आधार पर की जाएंगीं।
सीबीएसई संस्थाओं पर शिकंजा कसने लगा है। ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से लिंक संस्थाएं अब पूरी तरह विभाग के रडार पर आ गईं हैं। जीपीएस सेटेलाइट के सहारे जहां इन पर नजर रखी जा सकेगी। वहीं गूगल पर दिख रही भौगौलिक स्थिति के आधार पर इनके परीक्षा केंद्र से लेकर मूल्यांकन केंद्रों तक का निर्धारण होगा। वहीं ओसिस साफ्टवेयर पर अपडेट परिसर, कक्षा कक्ष, शौचालय, फर्नीचर आदि की सूचनाओं से इनका सत्यापन हो सकेगा।
आधार से लिंक हुए शिक्षक विद्यार्थियों को भी नई पहचान मिल गई है। इसके साथ ही इनका फर्जीवाड़ा भी रुक रहा है। निजी संस्थाओं में स्टाफ के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े में एक ही शिक्षक को एक से अधिक संस्थाओं में दर्शाने की शिकायतें रहीं हैं। वहीं छात्र भी कोई पहचान नहीं छिपा सकेंगे। जिले में संचालित 18 सीबीएसई संस्थाओं में नवोदय व केंद्रीय विद्यालय के अलावा 16 स्ववित्तपोषित संस्थाएं शामिल हैं।
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पहली बार छात्र पंजीकरण से जुड़ी ओसिस साइट एवं जीपीएस का सदुपयोग इस बार परीक्षा व्यवस्थाओं एवं केंद्र निर्धारण में किया जाएगा। अक्षांतर-देशांतर के सहारे संस्थाओं की भौगोलिक स्थिति गूगल पर देखी जा सकेगी। अभी तक ओसिस साइट का प्रयोग डाटा संग्रह के रूप में हो रहा था।
डॉ राम मोहन, सिटी कोर्डिनेटर, सीबीएसई
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सीबीएसई संस्थाओं पर शिकंजा कसने लगा है। ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से लिंक संस्थाएं अब पूरी तरह विभाग के रडार पर आ गईं हैं। जीपीएस सेटेलाइट के सहारे जहां इन पर नजर रखी जा सकेगी। वहीं गूगल पर दिख रही भौगौलिक स्थिति के आधार पर इनके परीक्षा केंद्र से लेकर मूल्यांकन केंद्रों तक का निर्धारण होगा। वहीं ओसिस साफ्टवेयर पर अपडेट परिसर, कक्षा कक्ष, शौचालय, फर्नीचर आदि की सूचनाओं से इनका सत्यापन हो सकेगा।
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आधार से लिंक हुए शिक्षक विद्यार्थियों को भी नई पहचान मिल गई है। इसके साथ ही इनका फर्जीवाड़ा भी रुक रहा है। निजी संस्थाओं में स्टाफ के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े में एक ही शिक्षक को एक से अधिक संस्थाओं में दर्शाने की शिकायतें रहीं हैं। वहीं छात्र भी कोई पहचान नहीं छिपा सकेंगे। जिले में संचालित 18 सीबीएसई संस्थाओं में नवोदय व केंद्रीय विद्यालय के अलावा 16 स्ववित्तपोषित संस्थाएं शामिल हैं।
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पहली बार छात्र पंजीकरण से जुड़ी ओसिस साइट एवं जीपीएस का सदुपयोग इस बार परीक्षा व्यवस्थाओं एवं केंद्र निर्धारण में किया जाएगा। अक्षांतर-देशांतर के सहारे संस्थाओं की भौगोलिक स्थिति गूगल पर देखी जा सकेगी। अभी तक ओसिस साइट का प्रयोग डाटा संग्रह के रूप में हो रहा था।
डॉ राम मोहन, सिटी कोर्डिनेटर, सीबीएसई