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जिले में कायम है संक्रामक बीमारियों का प्रकोप
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:58 PM IST
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बुखार-डायरिया के मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। दिवाली का त्योहार खुशियों के साथ परेशानियां लेकर भी आया। धुएं ने दमा के मरीजों की संख्या बढ़ा दी तो मिलावट के खाने से पेटदर्द, डायरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ी।
दिवाली पर अच्छे-अच्छे पकवान खाए। इनमें मिठाइयों की संख्या भरपूर रही। अब पेटदर्द व डायरिया की समस्या हो रही है। शनिवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही।
दमा, सांस, त्वचा, डायरिया और पेटदर्द से पीड़ित 200 से अधिक मरीजों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। जबकि दो दर्जन से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। बुखार से पीड़ित होने पर भी छह मरीज शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराए।
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सीएमओ डॉ अरविंद गुप्ता ने बताया कि जिले में मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन हालात नियंत्रण में हैं। मौसम की वजह से कुछ बीमारियां बढ़ रही हैं। जिनकी रोकथाम के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। दिवाली के बाद पर्यावरण में प्रदूषण होने से दमा और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में नजर रखें। जहां से भी मरीजों के मिलने की सूचनाएं आ रही हैं वहां टीम भेजकर जांच कराई जाए।
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दिवाली पर अच्छे-अच्छे पकवान खाए। इनमें मिठाइयों की संख्या भरपूर रही। अब पेटदर्द व डायरिया की समस्या हो रही है। शनिवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही।
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दमा, सांस, त्वचा, डायरिया और पेटदर्द से पीड़ित 200 से अधिक मरीजों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। जबकि दो दर्जन से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। बुखार से पीड़ित होने पर भी छह मरीज शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराए।
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सीएमओ डॉ अरविंद गुप्ता ने बताया कि जिले में मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन हालात नियंत्रण में हैं। मौसम की वजह से कुछ बीमारियां बढ़ रही हैं। जिनकी रोकथाम के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। दिवाली के बाद पर्यावरण में प्रदूषण होने से दमा और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में नजर रखें। जहां से भी मरीजों के मिलने की सूचनाएं आ रही हैं वहां टीम भेजकर जांच कराई जाए।