{"_id":"5c1e72abbdec2256b91441b6","slug":"111545499307-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही पर 34 आशाओं की सेवाएं समाप्त, 80 को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही पर 34 आशाओं की सेवाएं समाप्त, 80 को नोटिस
विज्ञापन
एचएएस अधिकारियों को तीसरी बार नोटिस जरी किए गए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। स्वास्थ्य योजनाओं में सहयोग न करना आशा कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ा है। लापरवाही पर जिले की 34 आशाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई। इसके अलावा 80 आशाओं को नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई के दायरे में सबसे अधिक आशा कार्यकर्ता पटियाली ब्लॉक की शामिल हैं।
जिले में 350 आशाएं स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहीं हैं। यह आशाएं जिले की 423 ग्राम पंचायतों में काम कर रहीं हैं। आशाओं का काम है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में सरलता से पहुंचाया जाए। इसके अलावा आशाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं संबंधित क्षेत्र की एएनएम से तालमेल बनाना होता है। जिससे गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण आसानी से हो सके। लेकिन जिले की तमाम आशाएं अपने दायित्वों पर खरी नहीं उतरीं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने 34 आशाओं की सेवाएं समाप्त कर दी है। सबसे अधिक 14 पटियाली व 20 आशाएं सोरों, कासगंज और सहावर विकासखंड की शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन आशाओं की सेवाएं समाप्त करने के बाद नए चयन की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अलावा 80 आशाओं को चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद आशा कार्यकर्ताओं में खलबली मची है। विभाग में बड़ी कार्रवाई से सक्रियता बढ़ना तय है।
यह हैं प्रमुख 8 काम-
- कार्यक्षेत्र में जन समुदाय को स्वास्थ्य सेवा संबंधी जानकारी देना।
- ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा प्रदान करना।
- उपलब्ध सेवाओं के उपभोग के लिए परामर्श देना।
- गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में मदद करना।
- गांव में स्वच्छ पेयजल एवं शौंचालय के प्रति लोगों को जागरूक करना।
- स्वास्थ्य कर्मियों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाना।
- जननी सुरक्षा योजना को प्राथमिकता देना।
- ग्राम पंचायतवार मातृ-शिशु का पंजीकरण करना।
फर्जीवाड़े में समाप्त हो चुकी हैं 30 की सेवाएं
कासगंज। स्वास्थ्य विभाग ने इसी साल जनवरी माह में भी बढ़ी कार्रवाई की थी। 30 आशा कार्यकर्ताओं ने फर्जीबाड़े के आधार पर पटियाली विकास क्षेत्र में चयन करा लिया था। जांच में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर 30 आशाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गईं थीं।
विज्ञापन
- 34 आशाएं काम के प्रति पूरी तरह लापरवाह थीं। समीक्षा में उनकी प्रगति शून्य पाई गई। लापरवाह आशाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं। पूर्व में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर भी आशाओं की सेवाएं समाप्त हुईं थीं- डा. अविनाश कुमार, डिप्टी सीएमओ।
विज्ञापन
जिले में 350 आशाएं स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहीं हैं। यह आशाएं जिले की 423 ग्राम पंचायतों में काम कर रहीं हैं। आशाओं का काम है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में सरलता से पहुंचाया जाए। इसके अलावा आशाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं संबंधित क्षेत्र की एएनएम से तालमेल बनाना होता है। जिससे गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण आसानी से हो सके। लेकिन जिले की तमाम आशाएं अपने दायित्वों पर खरी नहीं उतरीं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने 34 आशाओं की सेवाएं समाप्त कर दी है। सबसे अधिक 14 पटियाली व 20 आशाएं सोरों, कासगंज और सहावर विकासखंड की शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन आशाओं की सेवाएं समाप्त करने के बाद नए चयन की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अलावा 80 आशाओं को चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद आशा कार्यकर्ताओं में खलबली मची है। विभाग में बड़ी कार्रवाई से सक्रियता बढ़ना तय है।
विज्ञापन
यह हैं प्रमुख 8 काम-
- कार्यक्षेत्र में जन समुदाय को स्वास्थ्य सेवा संबंधी जानकारी देना।
- ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा प्रदान करना।
- उपलब्ध सेवाओं के उपभोग के लिए परामर्श देना।
- गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में मदद करना।
- गांव में स्वच्छ पेयजल एवं शौंचालय के प्रति लोगों को जागरूक करना।
- स्वास्थ्य कर्मियों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाना।
- जननी सुरक्षा योजना को प्राथमिकता देना।
- ग्राम पंचायतवार मातृ-शिशु का पंजीकरण करना।
फर्जीवाड़े में समाप्त हो चुकी हैं 30 की सेवाएं
कासगंज। स्वास्थ्य विभाग ने इसी साल जनवरी माह में भी बढ़ी कार्रवाई की थी। 30 आशा कार्यकर्ताओं ने फर्जीबाड़े के आधार पर पटियाली विकास क्षेत्र में चयन करा लिया था। जांच में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर 30 आशाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गईं थीं।
विज्ञापन
- 34 आशाएं काम के प्रति पूरी तरह लापरवाह थीं। समीक्षा में उनकी प्रगति शून्य पाई गई। लापरवाह आशाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं। पूर्व में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर भी आशाओं की सेवाएं समाप्त हुईं थीं- डा. अविनाश कुमार, डिप्टी सीएमओ।