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पंखे की हवा खाई तो खानी पड़ सकती है दवाई

Thu, 21 Feb 2019 11:22 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 21 Feb 2019 11:22 PM IST
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पंखे की हवा खाई तो खानी पड़ सकती है दवाई
एटा। एक सप्ताह से मौसम में उतार चढ़ाव चल रहा है। कभी तापमान बढ़ रहा है तो कभी घट रहा है। ऐसे में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। बच्चों में सर्दी, जुकाम, निमोनिया तो बुजुर्गों के बदन में दर्द, अस्थमा अटैक और पैरालाइसिस की शिकायतें बढ़ रहीं हैं। वहीं गर्मी का अहसास होने पर घरों में चल रहे पंखे मर्ज और बढ़ा रहे हैं।
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चिकित्सकों की मानें तो बदलते मौसम में पंखे की हवा खाने से परहेज करना चाहिए, नहीं तो बीमार होने पर दवा खानी पड़ सकती है। दिन में इतनी गर्मी है कि गर्म कपड़े बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। गर्म कपड़ों से शरीर में चुभन बढ़ रही है, लेकिन सूरज ढलते ही पारा गिरने लगता है और दिन की गर्मी रात होते ही सर्दी का अहसास करा रही है। पारा चढ़ते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मलेरिया का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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जिला अस्पताल में बढ़ा मरीजों का पंजीकरण
मौसम में बदलाव के साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। आम दिनो में 600 से 700 मरीजों के स्थान पर 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। कमोबेश यही हाल निजी अस्पतालों और शहर के क्लीनिक का है। चिकित्सकों को कहना है कि ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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एक नजर बदलते तापमान पर
तारीख मिनिमम अधिकतम
15 फरवरी 25 12
16 फरवरी 25 11
17 फरवरी 26 13
18 फरवरी 26 13
19 फरवरी 29 11
मौसम के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ा
पारा चढ़ते ही मच्चछरों का प्रकोप दिखाई देने लगा है। जिला मलेरिया अधिकारी हर प्रसाद की मानें तो मच्छर 25-30 डिग्री तापमान पर पनपते हैं। मच्छर पनपने की दूसरी मुख्य वजह गंदगी, कूड़े के ढेर, सिल्ट और कूड़े से पटी नालियां हैं। यदि समय रहते पालिका प्रशासन ने कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया तो गर्मियों में मच्छर जीना दुष्वार कर सकते हैं। इससे वायरल के साथ मलेरिया, डेंगू का खतरा बढ़ सकता है।

चिकित्सकों की सलाह
-बच्चों को पंखे की हवा से बचा कर रखें।
-बच्चों को फुल स्लीव हल्के गर्म कपड़े पहनाएं।
-गर्मी लगने पर फ्रीज का ठंडा पानी न पिलाएं।
-सुबह और शाम घर से बाहर घूमने से बचें।
-दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
-सोते वक्त गर्मी लगने पर कॉटन की चादर ओढ़ें।
-बच्चों को आईस्क्रीम, कोल्ड डिंक न पीने दें।
-मच्छर से बचने के लिए कीटनाशक छिड़कें।
क्या कहते हैं बाल रोग विशेषज्ञ
बदलते मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। अभिभावक खुद के साथ परिवार के बच्चों और बुजुर्गो को पंखे की हवा से बचा कर रखें। मौसम बदलाव के वक्त सर्दी, जुकाम के साथ इंफेक्शन का खतरा हमेशा रहता है।
डा.राजेश सक्सेना, बाल रोग विशेषज्ञ
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