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पालिका की अनदेखी से अटका शहर का विकास

Tue, 19 Feb 2019 10:48 PM IST
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Updated Tue, 19 Feb 2019 10:48 PM IST
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पालिका की अनदेखी से अटका शहर का विकास
सिल्ट - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
एटा। सड़कें टूटी पड़ी हैं, गलियों में पानी भरा है, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, मगर फिर भी नगर पालिका स्वच्छता में अव्वल का तमगा लादे हैं। एक साल बाद भी शहर में विकास की बात बेमानी नजर आती है। गुटबाजी और राजनीति के फेर में फंसे विकास को लेकर शहर की जनता कराह रही है। जिम्मेदार जानकर भी अनजान हैं और उधर समस्याएं दर्द बढ़ा रही हैं। विकास की टीस अब धैर्य को चुनौती देती नजर आ रही है। जी हां शहर के विकास की बात करने वाली पालिका की कारगुजारियां अब जनता की परेशानी का सबब बन चुकी हैं। पढ़िए रिपोर्ट...
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सड़कों का नहीं हो सका निर्माण
शहर की प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए पिछली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव दिए गए थे, लेकिन तीन महीने बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों के शामिल नहीं होने से सड़कें टूटी पड़ी हैं। ठंडी सड़क, मेहता पार्क, रेलवे रोड समेत तमाम मार्गों का हाल बदहाल है।
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जलभराव से बढ़ रही दिक्कत
शहर की गलियों में जगह-जगह जलभराव के हालात भी समस्या को बढ़ा रहे हैं। तमाम मार्गों पर बहते गंदे पानी से लोगों को परेशानी होती है। प्रमुख बाजार घंटाघर का हाल तो बदहाल है। जलभराव को लेकर कई बार शिकायतें हो चुकी हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
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कूड़े के ढेरों से स्वच्छता को चुनौती
यूं तो एटा पालिका को स्वच्छता के मामले में प्रदेश में सबसे स्वच्छ माना गया है, लेकिन गंदगी और कूड़े के ढेर जनता के लिए परेशानी बन चुके हैं। ग्रीन गार्डन, निधौली रोड समेत तमाम गलियों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं।
तीन महीने से नहीं हुई बोर्ड बैठक
नगर पालिका में बोर्ड की बैठक तीन महीने से नहीं हो सकी है। बीती पांच नवंबर को हुई बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लगी थी, लेकिन किसी भी प्रस्ताव पर अमल नहीं हो सका।

ठेकेदारों ने नहीं डाले टेंडर
नगर पालिका ने शहर की तीन सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर निकाले थे, लेकिन ठेकेदारों ने टेंडर डाले नहीं हैं। पुराने भुगतान की मांग को लेकर अड़े ठेकेदार पालिका में काम करने से बच रहे हैं।
कहते हैं लोग
शहर में विकास कार्य नहीं होने से दिक्कत बढ़ती जा रही है। कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।
सत्येंद्र जैन
पालिका ने एक साल में कोई विकास कार्य नहीं कराया। विकास कार्य होते तो शहर की सूरत बदलती।
रक्षपाल गुप्ता
शहर में सड़कें टूटी पड़ी हैं। पालिका ने सारे काम बंद कर दिए हैं।
नीलिमा पाराशर
शहर का इन दिनों बेहद खराब है। विकास कार्य नहीं होने से दिक्कत हो रही है।
गोविंद मिश्रा
पालिका ने बीते कई सालों से ठेके दारों का भुगतान नहीं किया है। इसके लिए कोई ठेकेदार पालिका में काम नहीं करेगा।
साजनदेव वार्ष्णेय, महासचिव ठेकेदार संघ
कहते हैं आंकड़े
01 साल हो चुका हैं नगर पालिका बोर्ड के गठन को
03 सड़कों का किया जाना था निर्माण
14 वें वित्त आयोग की किश्त भी पालिका को मिली
03 महीने से नहीं हुई पालिका बोर्ड की बैठक
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