{"_id":"5966613e4f1c1be17f8b461a","slug":"101499881790-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षमता 10 की, बिठा रखे थे 40 बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षमता 10 की, बिठा रखे थे 40 बच्चे
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
मौत का सफरः छत पर भी बैठे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र के आगरा रोड स्थित एक विद्यालय से बच्चों को लाने ले जाने के लगाई गई पिकअप बच्चों को मौत का सफर करा रही है। बुधवार को ग्रामीणों ने गाड़ी में क्षमता से अधिक बच्चों को भरा देखने के बाद चालक की पिटाई कर दी। मौके पर स्कूल प्रबंधन के लोगों ने मामला शांत कराया।
कोतवाली क्षेत्र के आगरा रोड स्थित बीएनएल पब्लिक स्कूल से संबद्ध पिकअप बुधवार को गांव औडेंय मंडल के आसपास के गांव से बच्चों को विद्यालय लेने के लिए गई थी। गाड़ी के अंदर और छत पर करीब 40 से अधिक बच्चों को ठूंस ठूंस कर भरने के बाद फोन पर बात करते हुए लापरवाही से स्कूल की तरफ चल दिया। जबकि गाड़ी की क्षमता मात्र 10 बच्चों की होती है। इस बीच ग्रामीणों ने जब बच्चों को असुरक्षित यात्रा करते हुए देखा तो उन्हें गुस्सा आ गया। उन्होंने गांव देवामई के समीप पिकअप को रुकवाकर चालक की पिटाई की। जानकारी मिलने के बाद विद्यालय प्रबंधन के लोग मौके पर पहुंचे, इस बीच पुलिस भी वहां पहुंच गई। हालांकि मामला शांत कराकर वो लौट गए कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही स्कूल प्रबंधन से इस पर कोई पूछताछ की। जबकि गाड़ी स्कूल की ही थी।
स्कूल निदेशक डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि पूरा मामला फर्जी है ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। न ही इतने बच्चों को इस तरह गाड़ी में ठूंसकर बिठाया जाता है। फिलहाल मैं लौटकर जानकारी करूंगा अभी पत्नी का उपचार कराने शहर से बाहर आया हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के आगरा रोड स्थित बीएनएल पब्लिक स्कूल से संबद्ध पिकअप बुधवार को गांव औडेंय मंडल के आसपास के गांव से बच्चों को विद्यालय लेने के लिए गई थी। गाड़ी के अंदर और छत पर करीब 40 से अधिक बच्चों को ठूंस ठूंस कर भरने के बाद फोन पर बात करते हुए लापरवाही से स्कूल की तरफ चल दिया। जबकि गाड़ी की क्षमता मात्र 10 बच्चों की होती है। इस बीच ग्रामीणों ने जब बच्चों को असुरक्षित यात्रा करते हुए देखा तो उन्हें गुस्सा आ गया। उन्होंने गांव देवामई के समीप पिकअप को रुकवाकर चालक की पिटाई की। जानकारी मिलने के बाद विद्यालय प्रबंधन के लोग मौके पर पहुंचे, इस बीच पुलिस भी वहां पहुंच गई। हालांकि मामला शांत कराकर वो लौट गए कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही स्कूल प्रबंधन से इस पर कोई पूछताछ की। जबकि गाड़ी स्कूल की ही थी।
विज्ञापन
स्कूल निदेशक डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि पूरा मामला फर्जी है ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। न ही इतने बच्चों को इस तरह गाड़ी में ठूंसकर बिठाया जाता है। फिलहाल मैं लौटकर जानकारी करूंगा अभी पत्नी का उपचार कराने शहर से बाहर आया हूं।
विज्ञापन