हिमाचल का सपूत आतंकी मुठभेड़ में शहीद, मां-पत्नी खबर सुनकर बेसुध
कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हलमतपुरा में आतंकी मुठभेड़ में हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा का सपूत शहीद हो गया। शाहपुर विधानसभा के रैत के रहने वाले जोरावर सिंह (44) सेना की 160 इनफैंट्री बीएन टीए यूनिट में बतौर हवलदार तैनात थे।
बुधवार शाम को आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान जोरावर सिंह ने शहादत पाई। शहीद के पिता और पत्नी से सेना के अधिकारी ने बात कर शहादत की सूचना दी थी।
वीरवार शाम को साढ़े छह बजे शहीद की पार्थिव देह जैसे ही रैत पहुंची तो वहां मौजूद परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए लोगों ने केंद्र से शहादत का बदला लेने की मांग की।
शहीद की पत्नी रंजना देवी समेत परिवार वाले और स्थानीय लोग शहीद का शव पहुंचने का इंतजार करने के लिए हाईवे पर बैठे थे।
अगले साल सेवानिवृत्त होना था
इस दौरान जाम की स्थिति भी बनी रही। बेटे की शहादत के गम में डूबे शहीद के पिता राय सिंह (75) और मां शकुंतला देवी (70) बेसुधी की हालत में हैं। पति की शहादत की खबर सुनने के बाद पत्नी रंजना देवी खुद को संभाल नहीं पा रही हैं। शहीद की दो बेटियां हरीतिका (12), कृतिका (10) और बेटे रुद्रांश (4) के सिर से पिता का साया उठ गया।
हवलदार जोरावर सिंह ने 26 वर्ष पहले सेना में नौकरी शुरू की थी। वर्ष 2019 में सेना की नौकरी से उन्होंने सेवानिवृत्त होना था। सवा दो साल पहले पठानकोट एयरबेस आतंकी हमले में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के ही सियूंह गांव के हवलदार संजीवन राणा (51) आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।