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बदहाल सड़कें, परेशान बागवान, बेखबर सरकार
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रेवी-पांडव रवाड़ सड़क बनी दलदल
क्रॉसर
मंडियों तक सेब पहुंचाना हुआ मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सेब सीजन भले ही सिमटने लगा हो लेकिन सड़कों की दुर्दशा के कारण बागवानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। जिले के ठियोग की कोट शिलारू पंचायत की रेवी-पांडव रवाड़ सड़क की स्थिति इतनी बदहाल है कि बागवानों को मंडियों तक सेब पहुंचना मुश्किल हो गया है।
आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी टेढ़ी खीर बन गया है। जिला प्रशासन ने सीजन शुरू होने से पहले सड़कों की दशा सुधारने के दावे किए थे जो हवाई साबित हुए हैं। रेवी-पांडव रवाड़ सड़क दलदल और गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क की दुर्दशा के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। गड्ढों के कारण लोड गाड़ियों के पलटने का खतरा है। इसके चलते इस सड़क से होकर सेब ढुलाई के लिए पिकअप चालक तैयार नहीं हो रहे। नारकंडा से यह सड़क प्रसिद्ध मानणेश्वर महादेव मंदिर तक जाती है। सड़क खराब होने के कारण बागवानों को अपना सेब हजारों रुपये खर्च कर मजदूरों की पीठ में कोट - लतयाना सड़क पर पहुंचाना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी प्रगतिशील बागवान सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि साल 2010 में उन्होंने इस सड़क को बनाने पर खुद पैसा लगाया था। सड़क पर करीब डेढ़ किलोमीटर के फासले में एक भी क्रॉसिंग प्वाइंट नहीं है जिसके चलते वाहन चलाना मुश्किल है। रखरखाव के अभाव में सड़क खराब होने से छोटी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं और पिकअप चालक सेब ढोने से इनकार कर रहे हैं।
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पंचायत प्रधान रीता भारद्वाज ने बताया कि सड़क की रिपेयर के लिए करीब दो लाख रुपये का बजट मिला है जिससे काम शुरू करवा दिया है। स्थानीय विधायक ने भी सड़क के लिए बजट दिया है। इन दिनों सड़क की दशा बहुत खराब है। सड़क की हालत में सुधार के लिए पंचायत प्रस्ताव पास कर ब्लॉक को भेजेगी, ताकि जल्द से जल्द सड़क की दशा सुधारी जा सके।
ब्लॉक के पास बजट : कंवर
खंड विकास अधिकारी ठियोग जगदीप सिंह कंवर ने बताया कि इस सड़क के लिए कुछ बजट ब्लॉक के पास है। पंचायत प्रधान को प्रस्ताव पास कर ब्लॉक को भेजने के लिए कहा है ताकि जिला प्रशासन से सड़क के रखरखाव के लिए बजट मांगा जा सके।
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क्रॉसर
मंडियों तक सेब पहुंचाना हुआ मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सेब सीजन भले ही सिमटने लगा हो लेकिन सड़कों की दुर्दशा के कारण बागवानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। जिले के ठियोग की कोट शिलारू पंचायत की रेवी-पांडव रवाड़ सड़क की स्थिति इतनी बदहाल है कि बागवानों को मंडियों तक सेब पहुंचना मुश्किल हो गया है।
आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी टेढ़ी खीर बन गया है। जिला प्रशासन ने सीजन शुरू होने से पहले सड़कों की दशा सुधारने के दावे किए थे जो हवाई साबित हुए हैं। रेवी-पांडव रवाड़ सड़क दलदल और गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क की दुर्दशा के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। गड्ढों के कारण लोड गाड़ियों के पलटने का खतरा है। इसके चलते इस सड़क से होकर सेब ढुलाई के लिए पिकअप चालक तैयार नहीं हो रहे। नारकंडा से यह सड़क प्रसिद्ध मानणेश्वर महादेव मंदिर तक जाती है। सड़क खराब होने के कारण बागवानों को अपना सेब हजारों रुपये खर्च कर मजदूरों की पीठ में कोट - लतयाना सड़क पर पहुंचाना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासी प्रगतिशील बागवान सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि साल 2010 में उन्होंने इस सड़क को बनाने पर खुद पैसा लगाया था। सड़क पर करीब डेढ़ किलोमीटर के फासले में एक भी क्रॉसिंग प्वाइंट नहीं है जिसके चलते वाहन चलाना मुश्किल है। रखरखाव के अभाव में सड़क खराब होने से छोटी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं और पिकअप चालक सेब ढोने से इनकार कर रहे हैं।
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पंचायत प्रधान रीता भारद्वाज ने बताया कि सड़क की रिपेयर के लिए करीब दो लाख रुपये का बजट मिला है जिससे काम शुरू करवा दिया है। स्थानीय विधायक ने भी सड़क के लिए बजट दिया है। इन दिनों सड़क की दशा बहुत खराब है। सड़क की हालत में सुधार के लिए पंचायत प्रस्ताव पास कर ब्लॉक को भेजेगी, ताकि जल्द से जल्द सड़क की दशा सुधारी जा सके।
ब्लॉक के पास बजट : कंवर
खंड विकास अधिकारी ठियोग जगदीप सिंह कंवर ने बताया कि इस सड़क के लिए कुछ बजट ब्लॉक के पास है। पंचायत प्रधान को प्रस्ताव पास कर ब्लॉक को भेजने के लिए कहा है ताकि जिला प्रशासन से सड़क के रखरखाव के लिए बजट मांगा जा सके।