छोटी काशी: पीएम मोदी ने हेलिकॉप्टर में चखा सेपू बड़ी, सिड्डू और कचौरी का स्वाद
पीएम नरेंद्र मोदी ने मंडी की सेपू बड़ी, सिड्डू और कचौरी का स्वाद चखना नहीं भूले। सरकार और प्रशासन की ओर से पीएम मोदी के लिए खास तौर पर पारंपरिक व्यंजन तैयार करवाए किए गए थे। मुख्यमंत्री ने पीएम को सात फुट ऊंचा और करीब 25 किलो वजनी त्रिशूल भेंट किया।
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हेलिकॉप्टर में सफर करते हुए ही सही, पीएम नरेंद्र मोदी ने मंडी की सेपू बड़ी, सिड्डू और कचौरी का स्वाद चखना नहीं भूले। सरकार और प्रशासन की ओर से पीएम मोदी के लिए खास तौर पर पारंपरिक व्यंजन तैयार करवाए किए गए। रैली से लौटते वक्त ही तमाम औपचारिकताएं निभाने के बाद उन्हें खाने का डिब्बा दिया गया। इसमें पारंपरिक व्यंजनों के साथ एप्पल जूस और ड्राइ फ्रूट भी शामिल रहा। जनसभा के लिए बनाए गए विशाल मंच पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पीएम मोदी को पश्मीना की शॉल और टोपी भी भेंट की। जब मुख्यमंत्री शॉल भेंट कर रहे थे, तब प्रधानमंत्री मुस्कुराते हुए शॉल के विषय में सीएम से बात करते नजर आए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सात फुट ऊंचा और करीब 25 किलो वजनी त्रिशूल भेंट किया। बताया जा रहा है कि त्रिशूल का ऊपर का हिस्सा अष्टधातु से बना है। इसमें लगा डमरू भी विशेष रूप से तैयार किया गया है और रूद्राक्ष के मनके भी खास हैं। इस त्रिशुल को विशेष ट्रक में डालकर मंगलवार को पीएमओ कार्यालय में भेजा जाएगा, जहां त्रिशूल और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान मिला चंबा थाल भी शोभा बढ़ाएंगे। सीएम जयराम ठाकुर ने पीएम को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए सांकेतिक ईंट भी भेंट की है। इस दौरान हेलिकॉप्टर से फोटोग्राफी का भी लुत्फ उठाया।
पर्यटन और तीर्थाटन जुड़ रहे, शिव धाम इसी प्रतिबद्धता का परिणाम : मोदी
एतिहासिक पड्डल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडी वासियों के बीच अपनत्व दर्शाते हुए हिमाचल के लोगों और प्रदेश सरकार की जमकर तारीफ की। मंडयाली में भाषण शुरू करने के बाद उन्होंने जनता के साथ भावनात्मक रिश्ता जोड़ने की पूरी कोशिश की, जिसमें वह सफल भी रहे। कहा कि हिमाचल के साथ मेरा हमेशा से एक भावनात्मक रिश्ता रहा है। हिमाचल की धरती और हिमालय के शिखरों ने मेरे जीवन को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है। पीएम ने कहा कि यहां जुटी भीड़ इस बात का संकेत है कि चार वर्षों में हिमाचल ने विकास देखा है। इन चार वर्षों में से दो साल कोरोना से भी लड़ाई लड़ी गई और विकास कार्यों को भी रुकने नहीं दिया गया। पिछले चार वर्षों में हिमाचल को एम्स मिला। प्रदेश में चार नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही हिमाचल में कनेक्टिविटी को भी सुदृढ़ करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन और तीर्थाटन आपस में जुड़ते चले जा रहे हैं। पर्यटन और तीर्थाटन में हिमाचल का जो सामर्थ्य है उसका कोई मुकाबला नहीं है।
हिमाचल शिव और शक्ति का स्थान है। पंच कैलाश में से तीन कैलाश हिमाचल में हैं और कई शक्तिपीठ भी हिमाचल में हैं। बौद्ध आस्था और संस्कृति का भी अहम स्थान यहां मौजूद है। डबल इंजन की सरकार हिमाचल की इस ताकत को कई गुणा बढ़ाने वाली है। मंडी में शिव धाम का निर्माण इसी प्रतिबद्धता का परिणाम है। जब पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब हिमाचल भी पूर्ण राज्यत्व की स्वर्ण जयंती मना रहा है। यह हिमाचल के लिए नई संभावनाओं पर काम करने का समय है। हिमाचल ने हर राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है। आने वाले समय में भी यह उत्साह जारी रहेगा। उधर, सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि बड़ी काशी बहुत बड़ा आस्था का केंद्र बना है। हिमाचल में भी इस दिशा में काम किया जा रहा है। छोटी काशी मंडी में शिवधाम की स्थापना करने जा रहे हैं जो आस्था और पर्यटन का केंद्र होगा।