इन दो कक्षाओं में भी एनसीसी शुरू करने की तैयारी, कैडेटों को मिलेगा ये सर्टिफिकेट
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शिमला के राजीव गांधी महाविद्यालय कोटशेरा में 7 एचपी की जिला शिमला स्तर का सम्मेलन हुआ। प्रदेश सरकार स्कूलों में 11वीं और 12वीं में एनसीसी शुरू करने की तैयारी में है।
इसके लिए केंद्र से अतिरिक्त सीटों को मंजूरी दिलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को शिमला के राजीव गांधी महाविद्यालय कोटशेरा में 7 एचपी की जिला शिमला स्तर का सम्मेलन हुआ। इसमें एनसीसी सेवन एचपी के ब्रिगेडियर ललित जोशी विशेष तौर पर मौजूद रहे।
7 एचपी (1) कंपनी एनसीसी के ऑफिसर कमांडिंग कर्नल सीनसीनवार और तीन कॉलेजों के लिए प्राचार्य और एनसीसी अधिकारियों के साथ जिले के 15 स्कूलों के प्रधानाचार्य और एनसीसी अधिकारियों ने भाग लिया। ब्रिगेडियर ललित जोशी ने कहा कि एनसीसी एक स्वयंसेवी संस्था है।
देश में करीब 15 लाख स्कूलों कॉलेजों के विद्यार्थी एनसीसी कैडेट हैं। इनमें हिमाचल में 25000 कैडेट हैं। वर्तमान में नौवीं और 10वीं के साथ कॉलेजों में एनसीसी है। इसके तहत कैडेटों के लिए कई तरह की गतिविधियां करवाई जाती हैं।
सरकार अब 11वीं और 12वीं कक्षाओं में भी एनसीसी को शुरू करने जा रही है। केंद्र से मंजूरी मिली तो कैडेटों को रोजगार के लिए फोर्स और वन विभाग जैसी भर्तियों में बी स्तर का सर्टिफिकेट प्राप्त करने पर अतिरिक्त अंक मिलेंगे।
कहा कि एनसीसी को ऑनलाइन किया जा चुका है। अब कैडेटों को वर्दी स्कूल वर्दी की तरह दी जाएगी। इसमें कपड़ा दिया जाएगा। उसे सिलवाने का खर्च कैडेटों के खाते में डाला जाएगा।
सम्मेलन में प्रदेश से एनसीसी के कैडेटों को आल इंडिया कैंप के साथ यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम जैसी गतिविधियों में भेजने उन्हें प्रोत्साहित करने और इस संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी गई।
एनसीसी अधिकारी शंकर लाल, संतोष चौहान, कमलेश राणा, सतीश शर्मा, पूनम चौहान, मनोज कुमार, जगमोहन ठाकुर, मनोज शर्मा मौजूद रहे। अभी तक स्कूलों में नवीं और दसवीं कक्षा के साथ कॉलेजों में एनसीसी की गतिविधियां होती हैं।
नवीं, दसवीं में ए सर्टिफिकेट, जबकि कॉलेज में तीन साल में सी सर्टिफिकेट दिया जाता है। जमा एक और जमा दो में बी सर्टिफिकेट दिया जाता है, जो पंजाब में लागू है।