कसुम्पटी में बंदरों ने दो बच्चों समेत तीन लोगों को काटा, पिंजरे लगाने की मांग
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कसुम्पटी इलाके में बंदरों का आतंक जारी है। परिमहल इलाके में उत्पाती बंदरों ने यहां से गुजर रहे दो बच्चों समेत तीन लोगों को काटकर लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद इलाके के लोग दहशत में है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद राकेश चौहान ने वन्यजीव विभाग, वन विभाग और हेल्पलाइन सेवा पर शिकायत दी। लेकिन जब शाम तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वनमंत्री राकेश पठानिया से शिकायत कर दी। कहा कि इलाके में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को बच्चों समेत तीन लोगों को बंदरों ने काटा है। बीते एक महीने में 20 से ज्यादा लोगों को बंदर लहूलुहान कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इस बारे में कई बार वन विभाग को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। हेल्पलाइन सेवा पर शिकायत करने का भी कोई फायदा नहीं। मंत्री ने तुरंत इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए वन्यजीव विभाग को दिशा निर्देश दिए। शुक्रवार सुबह वन्यजीव विभाग के डीएफओ और वनकर्मी मौके पर पहुंचे। पार्षद ने बताया कि उनके वार्ड में किन किन इलाकों में ज्यादा बंदर है। कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं।
सफाई न होने से बढ़ गए बंदर
परिमहल इलाके में नगर निगम का कूड़ेदान लगा है। निगम के सफाई कर्मी सुबह इसकी सफाई कर देते हैं, लेकिन दिन के समय कुछ लोग कचरा लाकर कूड़ेदान के बाहर फेंक देते हैं। वन विभाग ने कहा कि सफाई न होने से यहां बंदर बढ़ रहे हैं। ऐसे में इस कूड़ेदान को हटाया जाए। इसके अलावा जो लोग खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं, उन पर कार्रवाई हो। पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि लोगों से सैहब कर्मचारियों को कूड़ा देने की अपील की है। यदि लोग खुले में कचरा फेंकते पकड़े गए तो उनके चालान काटे जाएंगे।