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हिमाचल: हर शनिवार-रविवार को इंजीनियर और डॉक्टर बनने की कोचिंग लेंगे विद्यार्थी

Thu, 16 Sep 2021 11:46 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 16 Sep 2021 11:46 AM IST
सार

सरकार ने विद्यार्थियों को कोचिंग देने के लिए स्वर्ण जयंती विद्यार्थी अनुशिक्षण योजना शुरू की है। आधिकारिक तौर पर बुधवार से योजना शुरू कर दी गई है।

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Himachal Pradesh Swaran Jayanti Vidyarthi Anushikshan Yojana Medical And Engineering Free Coaching to students in govt schools By Himachal Pradesh Government
छात्राएं (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौवीं से 12वीं कक्षा के करीब दो लाख विद्यार्थियों को हर सप्ताह शनिवार और रविवार को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की कोचिंग दी जाएगी। 18 सितंबर से नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों को मोबाइल पर शिक्षक एक लिंक भेजेंगे। यू-ट्यूब के इस लिंक के माध्यम से विद्यार्थी नीट और जेईई की कोचिंग ले सकेंगे।

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सरकार ने विद्यार्थियों को कोचिंग देने के लिए स्वर्ण जयंती विद्यार्थी अनुशिक्षण योजना शुरू की है। आधिकारिक तौर पर बुधवार से योजना शुरू कर दी गई है। शिक्षकों को हर घर पाठशाला अभियान के तहत लिंक भेजने का काम शुरू हो गया है। शनिवार को यह लिंक शिक्षक विद्यार्थियों को व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से देंगे। योजना के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की गणित और विज्ञान की सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी।
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हर सप्ताह 15 से 18 घंटे की कक्षाएं और संदेह समाधान किया जाएगा। योजना के सही कार्यान्वयन के लिए सरकार जिला स्तर पर निगरानी कमेटी गठित करेगी। इसमें डाइट के प्रधानाचार्य, उच्च शिक्षा के उप निदेशक और स्कूलों के विज्ञान-गणित के पर्यवेक्षक शामिल किए गए हैं।
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कमेटी मेधावी छात्राओं की पहचान करने में भी मदद करेगी। योजना के तहत दो चरणों में कार्यक्रम का कार्यान्वयन होगा। पहले चरण में हर घर पाठशाला के माध्यम से छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली गणित और विज्ञान की सामग्री उपलब्ध होगी। दूसरे चरण में 100 उच्च प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं की पहचान करने के लिए चयन परीक्षा होगी।

स्कूलों में पढ़ाने के साथ विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग करेंगे शिक्षक

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग करने के लिए शिक्षकों को डाइट के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। बुधवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर विभागीय अधिकारियों से बैठक करते हुए यह फैसला लिया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि छठी से आठवीं कक्षा के 240 स्कूलों में जल्द ही व्यवसायिक शिक्षा देना शुरू किया जाएगा। शिक्षकों के एसीआर मामले निपटाने को ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा। कोरोना काल में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने में हिमाचल प्रदेश पूरे देश में अग्रणी है। सरकार अध्यापकों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर रहे आईटी अध्यापकों के मानदेय को 500 रुपये बढ़ाने संबंधी मामला मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। प्रदेश के वोकेशनल अध्यापकों का वेतन 15000 रुपये से बढ़ाकर 19000 रुपये किया गया है। उन्होंने अध्यापकों की एसीआर से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उर्दू और पंजाबी की शिक्षा अर्जित करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के कुछ विद्यालयों में इन विषयों के अध्यापक उपलब्ध करवाए जाएंगे। आधुनिक समय में योग के महत्व को ध्यान में रखते हुए क्लस्टर विद्यालयों में योग शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। विद्यार्थियों की काउंसलिंग के लिए मनोविज्ञान और अन्य विषयों संबंधी अध्यापकों को डाइट के तहत विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रदेश के शिक्षक वर्ग को स्टार योजना में लीडरशिप ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों में प्रतिनियुक्ति संबंधी समस्या को देखते हुए डिजिटल तकनीक के माध्यम से दूरदराज में स्थित विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। कॉलेज स्तर पर ई रिर्सोस तैयार किए जाएंगे, जिन्हें विद्यार्थियों के लिए स्वयं जैसे ऑनलाइन मंचों पर उपलब्ध करवाया जाएगा।

एसएमसी शिक्षकों के लिए नीति बनाने का मामला अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी को भेजा जाएगा।  इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए तीसरी, पांचवीं, आठवीं और नवीं से बारहवीं कक्षा की परीक्षा तथा मूल्यांक संबंधी प्रारूप प्रस्तुत किया। बैठक में सचिव शिक्षा राजीव शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. पंकज ललित मौजूद रहे।

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