{"_id":"600968c76218f6410c17449e","slug":"himachal-news-villagers-dance-on-the-fire-with-bare-feet-in-kullu","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंगे पांव जलते अंगारों पर कूदे ग्रामीण, अश्लील जुमले भी गाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंगे पांव जलते अंगारों पर कूदे ग्रामीण, अश्लील जुमले भी गाए
Thu, 21 Jan 2021 05:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 21 Jan 2021 05:13 PM IST
विज्ञापन
गांव बाखली में जलते अगारों पर नृत्य करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
कुल्लू जिला मुख्यालय से सटे शिलीराजगिरी पंचायत में ग्रामीण नंगे पांव जलते हुए अंगारों पर कूदे। यह क्रम तब तक चलता रहा, जब तक आग बुझ नहीं गई। इस दौरान अश्लील जुमले भी बोले गए। सदियों पुरानी यह अनूठी परंपरा देवता आदिब्रम्हा खोखन के सम्मान में बाखली गांव में मनाए सदियाला पर्व के दौरान निभाई गई। ग्रामीणों के जलते हुए अंगारों पर कूदने का दृश्य देखकर हर कोई हैरान रह गया। माना जाता है कि दैवीय शक्ति के कारण जलते अंगारों पर चलने के बावजूद किसी को चोट नहीं पहुंचती है।
विज्ञापन
बुधवार रात करीब तीन बजे गांव के दर्जनों लोग मशालों के साथ बाहर निकले। इसके बाद पूरे गांव की परिक्रमा करते हुए ग्रामीण देवता आदि ब्रम्हा के प्रांगण में पहुंचे। यहां एक विशाल जागरा (आग) जलाई गई। जब आग के जलते अंगारे बचे थे तो गांव के गांथू राम ने बाह चकोटा बोला, इसके बाद अश्लील जुमलों को बोलते हुए गांव के लोग नंगे पांव जलते अंगारों पर कूदे। इस नजारे को देखने के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे थे। जिले में मनाए जाने वाले अन्य जगहों पर सदियाला के दौरान सिर्फ मशालें जलाने की ही परंपरा है, लेकिन बाखली में लोग नंगे पांव जलते अंगारों पर कूदे हैं।
विज्ञापन
वीर युवक मंडल बाखली के प्रधान संगतराम ने कहा कि देवता की शक्ति से किसी के भी पैरों में चोट नहीं आई है। अगर सच्चे मन से देवता की परंपरा का निर्वहन नहीं किया जाता तो उन्हें देवता दंड भी देते हैं। युवक मंडल के अनिल कुमार, झाबू, सुखराम, राजी, चांहकू राम, चैने राम, भगतराम, गांथू राम, भीखू, शेर सिंह, मनीष कुमार, प्रताप सिंह ने कहा कि देव परंपरा के अनुसार पर्व मनाया गया।
विज्ञापन