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किसानों के लिए अच्छी खबर, मुआवजा राशि में डेढ़ लाख तक की बढ़ोतरी

Wed, 03 Jul 2019 12:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 03 Jul 2019 12:48 PM IST
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himachal govt hike compensation amount for farmers in state
फाइल फोटो

मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना के तहत किसानों को मिलने वाली मुआवजा राशि में बढ़ोतरी कर दी गई है। मुआवजा राशि में पचास हजार से डेढ़ लाख तक की वृद्धि की गई है। किसानों को खेती के दौरान स्वदेशी मशीनों से लगने वाली चोट या खेत में किसानों की होने वाली मौत पर सरकार की तरफ से इस योजना के तहत मुआवजा मुहैया करवाया जाता है। 

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योजना के तहत मुआवजा राशि में की गई बढ़ोतरी के बाद अब खेती के दौरान किसानों की मौत होने पर मुआवजे के रूप में सहायता राशि डेढ़ लाख के बजाय 3 लाख रुपये मिलेगी। स्थायी रूप से अपंग होने पर सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दी गई है। आंशिक रूप से अपंग होने पर प्रभावित को 10 हजार की जगह 40 हजार रुपये मिलेंगे। मुआवजे के लिए किसानों को स्थानीय ब्लॉक के कृषि विशेषज्ञ के पास आवेदन करने होंगे। घायल का मेडिकल और मृत्यु प्रमाण पत्र लगाना होगा। आवेदक को यह राशि दो महीने के अंदर दी जाएगी। अभी तक कृषि विभाग ने 68 किसानों को मुआवजे के तौर पर 23.30 लाख रुपये दिए हैं। 
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मुआवजा उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनकी आयु 14 वर्ष से अधिक हो और जो कृषि मशीनरी, औजार और उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान हादसे के शिकार हुए हों। इसमें उन किसानों और खेतीहर मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा जिनकी मृत्यु और विकलांगता नलकूप, बोरवेल, पंपिंग सेट स्थापित करने के दौरान हुई हो। इस योजना में केवल स्थानीय किसान और खेतीहर मजदूर ही आते हैं। किसी भी कंपनी और ठेकेदार के एक कार्यकर्ता और कर्मचारी को इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

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कृषि विभाग द्वारा पंजीकृत मशीनरी से हादसा होने वाले किसानों को ही यह मुआवजा दिया जाएगा। विभाग द्वारा ट्रैक्टर, पावर टिलर, वीडर, ऊर्जा चालित हल, रीपर और बाइडर मशीन, पावर थ्रेशर, घास काटने की मशीन, औजार, उपकरण, नलकूप, बोरवेल और पंपिंग सेट लघु लिफ्ट शामिल किए हैं। 

पंजीकृत उपकरणों से हादसे पर ही मिलेगा मुआवजा
कृषि निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि किसानों द्वारा जो उपकरण पंजीकृत करवाए गए हैं उन्हीं से हादसा होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को मशीन चलाने के लिए सुरक्षा का खास ध्यान देना चाहिए और बच्चों को मशीन से दूर रखना चाहिए। मुआवजा किसानों को दो माह के भीतर दिया जाएगा। 

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