बिजली चोरी पकड़वाओ, बड़ा ईनाम पाओ
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प्रदेश में बिजली चोरों की अब खैर नहीं। बिजली चोरों को पकड़ने के लिए राज्य बिजली बोर्ड प्रबंधन प्रदेश भर में मुखबिर बनाने जा रहा है।
बिजली चोरी पकड़वाने वाले का नाम न केवल गोपनीय रखा जाएगा, बल्कि बिजली चोरों से वसूल किए जाने वाले जुर्माने की रकम में से एक चौथाई हिस्सा भी उसे दिया जाएगा।
विधानसभा सत्र के बाद प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। बोर्ड की माली हालत सुधारने को सरकार ने राज्य बिजली बोर्ड को यह आदेश दिए हैं।
बिजली चोरी से कितना नुकसान
प्रदेश में बिजली चोरी से हर साल 15 से 20 करोड़ राजस्व की क्षति होने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखकर सरकार ने बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि बिजली चोरी रोकने को प्रदेश भर में मुखबिर बनाए जाएं।
मुखबिरों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें जुर्माने की रकम में से एक चौथाई हिस्सा दिया जाए, जिससे प्रदेश में बिजली चोरी को खत्म किया जा सके। मुखबिर अधिशासी अभियंता से लेकर बोर्ड के प्रबंध निदेशक (एमडी) तक को गोपनीय सूचनाएं दे सकते हैं।
वहीं, विधानसभा सत्र के बाद सितंबर में प्रदेश भर में सचल दस्ते बनाए जाएंगे। दस्ते में अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों को रखा जाएगा।
चोरी पर चुकाना होगा भारी जुर्माना
बिजली चोरी करने वालों पर हैवी पेनल्टी लगाई जाएगी, जिससे भविष्य में कोई बिजली चोरी करने की हिम्मत न जुटा पाए। इसमें आम आदमी से लेकर औद्योगिक इकाइयां तक शामिल हैं।
प्रधान सचिव ऊर्जा एसकेबीएस नेगी का कहना है कि बिजली बोर्ड के खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं। इसे ध्यान में रखकर राजस्व बढ़ोत्तरी के जो भी रास्ते हो सकते हैं, उन्हें तलाशने के लिए बोर्ड को कहा गया है।
इसमें बिजली चोरी रोकना भी शामिल है। बोर्ड प्रबंधन को बिजली चोरी पकड़वाने वाले को जुर्माने का एक चौथाई हिस्सा देने के लिए कहा गया है।