दर्द से कराहती रही गर्भवती, फोन बंद गायब हो गए डॉक्टर
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विवादों में रहने वाला हिमाचल के रामपुर का खनेरी अस्पताल फिर चर्चा में है। शुक्रवार को गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही, चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी लेकिन अस्पताल में तैनात एनेस्थीसिया चिकित्सक मोबाइल स्विच ऑफ कर कहीं चले गए थे।
उनके वहां मौजूद न होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो सका। महिला की जान पर बन आई थी। बाद में परिजन महिला को निजी अस्पताल ले गए। जहां ऑपरेशन के बाद महिला और शिशु को आईजीएमसी रेफर कर दिया गया है।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो नंबर स्विच आ रहा था। प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को फोन बंद नहीं करने के आदेश भी दिए गए हैं, लेकिन यहां इन आदेशों की परवाह कोई नहीं कर रहा है।
निजी क्लीनिक में जाकर करवाना पड़ा उपचार
परिजनों के अनुसार गर्भवती महिला की जान को भी खतरा हो गया था। चिकित्सक नहीं मिलने के कारण गर्भवती महिला को खनेरी के निजी क्लीनिक में ले जाना पड़ा। इसके बाद जच्चा बच्चा को शिमला रेफर किया गया।
आनी से भाजपा के पूर्व विधायक किशोरी लाल सागर ने बताया कि वे रात के समय अस्पताल में मौजूद थे और उन्होंने भी चिकित्सक को संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन फोन बंद पाया गया। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में जब स्वास्थ्य सेवाओं का यह हाल है तो दूसरी जगह स्थिति क्या होगी। खनेरी अस्पताल के अलावा निरमंड, आनी, सराहन व अन्य क्षेत्र के अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं।
पूछताछ की जाएगी : डॉ. मनोज
खनेरी अस्पताल प्रभारी डॉ. मनोज कपूर ने कहा कि बेहोश करने वाला चिकित्सक अस्पताल में मौजूद है। चिकित्सक ने फोन क्यों बंद किया। इस बारे में उससे पूछताछ की जाएगी।