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अश्वनी खड्ड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
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पेयजल कंपनी के फैसले से लोगों में रोष, उठाऊ पेयजल योजना का पानी दूषित होने का जताया अंदेशा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शिमला जल प्रबंधन लिमिटेड की ओर से राजधानी शिमला में अश्वनी खड्ड दोगड़ा पुल के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना के विरोध में स्थानीय लोग उतर आए हैं। लोगों का कहना है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने से स्थानीय उठाऊ पेयजल योजना का पानी दूषित हो सकता है। इतना ही नहीं ट्रीटमेंट प्लांट की प्रस्तावित जगह के पास ही स्थानीय देवी, देवता का मंदिर भी हैं जिससे लोगों की धार्मिक आस्थाएं भी आहत होंगी।
मंगलवार को किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने लोगों के साथ प्रस्तावित स्थल का दौरा किया। लोगों ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए एसजेपीएनएल ने जो जगह चिन्हित की है वहां बड़मू देवता और काली माता का मंदिर है, हर दो साल बाद यहां स्थानीय पंचायतों के लोग धार्मिक कार्यक्रम करते हैं। नजदीक ही शमशानघाट और उठाऊ पेयजल योजना भी है। इस पेयजल योजना से पुजारली, ढमेची, क्वालग. मझार, क्यार, सेरी, सिंयुठा, भाट सहित अन्य गावों को पानी की सप्लाई होती है। स्थानीय लोगों ने एसजेपीएनएल से प्रस्तावित स्थल को बदलने का आग्रह किया था लेकिन कंपनी तैयार नहीं है।
डॉ. तंवर ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में कोई भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए स्थानीय लोगों और पंचायत की सहमति लेना जरूरी है। कंपनी अगर जिद पर अड़ी रहती है तो कानून का सहारा लिया जाएगा। शहर में चल रहे मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के इर्द गिर्द रह रहे लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विशेषकर बरसात में बिना ट्रीटमेंट के टैंकों से पानी छोड़ दिया जाता है जिससे पेयजल स्रोत दूषित हो जाते हैं। इस मौके पर जयशिव सिंह ठाकुर, सुरेश पुंडीर, नवीन शर्मा, योगेश्वर दत्त शर्मा, सोहन सिंह, काहन सिंह, बंती देवी, प्रवीण, पूर्णचंद, अनिल, राहुल, परमानंद शर्मा, बीडी शर्मा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शिमला जल प्रबंधन लिमिटेड की ओर से राजधानी शिमला में अश्वनी खड्ड दोगड़ा पुल के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना के विरोध में स्थानीय लोग उतर आए हैं। लोगों का कहना है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने से स्थानीय उठाऊ पेयजल योजना का पानी दूषित हो सकता है। इतना ही नहीं ट्रीटमेंट प्लांट की प्रस्तावित जगह के पास ही स्थानीय देवी, देवता का मंदिर भी हैं जिससे लोगों की धार्मिक आस्थाएं भी आहत होंगी।
मंगलवार को किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने लोगों के साथ प्रस्तावित स्थल का दौरा किया। लोगों ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए एसजेपीएनएल ने जो जगह चिन्हित की है वहां बड़मू देवता और काली माता का मंदिर है, हर दो साल बाद यहां स्थानीय पंचायतों के लोग धार्मिक कार्यक्रम करते हैं। नजदीक ही शमशानघाट और उठाऊ पेयजल योजना भी है। इस पेयजल योजना से पुजारली, ढमेची, क्वालग. मझार, क्यार, सेरी, सिंयुठा, भाट सहित अन्य गावों को पानी की सप्लाई होती है। स्थानीय लोगों ने एसजेपीएनएल से प्रस्तावित स्थल को बदलने का आग्रह किया था लेकिन कंपनी तैयार नहीं है।
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डॉ. तंवर ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में कोई भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए स्थानीय लोगों और पंचायत की सहमति लेना जरूरी है। कंपनी अगर जिद पर अड़ी रहती है तो कानून का सहारा लिया जाएगा। शहर में चल रहे मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के इर्द गिर्द रह रहे लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विशेषकर बरसात में बिना ट्रीटमेंट के टैंकों से पानी छोड़ दिया जाता है जिससे पेयजल स्रोत दूषित हो जाते हैं। इस मौके पर जयशिव सिंह ठाकुर, सुरेश पुंडीर, नवीन शर्मा, योगेश्वर दत्त शर्मा, सोहन सिंह, काहन सिंह, बंती देवी, प्रवीण, पूर्णचंद, अनिल, राहुल, परमानंद शर्मा, बीडी शर्मा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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