फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Vicious first deposit 13 thousand in the teacher's bank account, then withdraw one lakh rupees

शातिर ने पहले खाते में डाले 13 हजार, फिर एक लाख रुपये निकाले, ऐसे लगाई चपत

Fri, 06 Sep 2019 04:15 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गगरेट(ऊना)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गगरेट(ऊना) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 06 Sep 2019 04:15 PM IST
विज्ञापन
Vicious first deposit 13 thousand in the teacher's bank account, then withdraw one lakh rupees

साइबर ठगी के मामले बढ़ जाने से लोगों में अपने बैंक खातों में जमा पूंजी की सुरक्षा का भी डर सताने लगा है। हिमाचल के ऊना जिले में एक स्कूल की अध्यापिका को भी 50 हजार की चपत लगी है।

विज्ञापन


वहीं, गगरेट के एक निजी उद्योग में कार्यरत विवेक गोयल भी साइबर ठगी का शिकार हो गया है। जिसके सेलरी खाते से लगभग एक लाख पांच हजार रुपये शातिर बड़ी ही चालाकी से निकाल ले गए। पीड़ित ने बताया कि पहले उसके बैंक खाते में शातिरों ने 13 हजार रुपये डाले।
विज्ञापन


इसके बाद उसके मोबाइल पर खाते में पैसे जमा होने का एसएमएस आया। अभी वह इस असमंजस में ही था कि खाते में पैसे कैसे आए। अगले दिन ही खाते से पैसे निकलने का मैसेज आया। फिर उसके बाद खाते से पैसे निकलने का दौर शुरू हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीड़ित का एटीएम उसके पास था फिर भी उसके एटीएम से पैसे निकलने के मैसेज आ रहे थे। कुछ ट्रांसफर के मैसेज भी आए। इस पर विवेक ने तुरंत बैंक का रुख किया और जांच में पाया गया कि पैसे दिल्ली में निकले गए हैं।

विवेक तब तक लगभग एक लाख पांच हजार की ठगी का शिकार हो चुका था। इस मामले में ठगी के शिकार विवेक गोयल ने गगरेट थाना में रपट दर्ज करवाई है।  एएसपी विनोद धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि इसकी जांच की जा रही है।

ऐसे होती है डेबिट और क्रेडिट कार्ड की क्लोनिंग

Vicious first deposit 13 thousand in the teacher's bank account, then withdraw one lakh rupees

साइबर ठग बहुत ही खुफिया तरीके से एटीएम और क्रेडिट कार्ड का क्लोन करते हैं। स्कीमर मशीन में कार्ड के स्वाइप करते ही आपके कार्ड की सारी डिटेल इस मशीन में कॉपी हो जाती है। इसके बाद आरोपी कंप्यूटर और अन्य तरीकों इस डेटा को एक खाली कार्ड में डालकर क्लोन तैयार करते हैं।

ठग इसी क्लोन का इस्तेमाल कर दूरदराज के इलाकों से आपके खाते से लाखों रुपये निकालने का काम करते हैं। शहर में ठग लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दे चुके हैं।

एटीएम मशीन में फिक्स कर देते हैं मशीन

Vicious first deposit 13 thousand in the teacher's bank account, then withdraw one lakh rupees

इसी तरह ठग कई एटीएम मशीनों में एक किट लगा देते हैं। इसमें कीपेड पर एक मेट के तरीके का उपकरण, स्वाइप की जगह कॉपी मशीन और पासवर्ड को देखने के लिए एक बटन जैसा कैमरा लगाया जाता है।

कैमरा आपके पासवर्ड और स्वाइप की जगह लगी मशीन आपके डेटा को सेव करती है। इस मशीन में जितने भी एटीएम स्वाइप होते है। उनका डेटा इस डिवाइस में चला जाता है। इसे मौका पाकर ठग निकाल लेते हैं।

सावधानी से हो सकता है बचाव

उपभोक्ता उस एटीएम से पैसे कभी न निकाले जहां पर गार्ड तैनात न हो। अपना एटीएम वह स्वयं ही प्रयोग करें किसी और को इस्तेमाल के लिए न दें। एटीएम कैबिन में यदि कोई और है तो उसके बाहर निकलने पर ही मशीन का प्रयोग करें।

सबसे विशेष एटीएम की मशीन में जहां पर कार्ड डाला जाता है वहां पर उसे खींचकर देखें। यदि क्लोनिंग मशीन फिट की गई होगी तो वह हाथ लगाने पर पता लग जाएगी। इसी तरह एटीएम प्रयोग करते समय जहां पर एटीएम कार्ड लगाया जाता है, वहां पर हरी लाइट जलने लगेगी।

यह लाइट तब तक नहीं रुकेगी जब तक उपभोक्ता पैसे निकासी का कार्य कर कार्ड वापस निकालकर आगे की ट्रांजेक्शन के लिए कैंसिल नहीं कर देता। हरी लाइट नहीं जलती है तो इसका सीधा सा मतलब है कि मशीन के साथ किसी ने छेड़छाड़ कर उसे हैक किया है। ऐसे में उस मशीन का प्रयोग न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed