टैक्सी चालक हत्या मामला: थाने के कार्यकारी प्रभारी, मुंशी समेत 15 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
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हिमाचल के बिलासपुर जिले के कंदरौर में टैक्सी चालक की हत्या के मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी बिलासपुर दिवाकर शर्मा ने स्वारघाट थाना के कार्यकारी प्रभारी, एमएचसी मुंशी समेत 15 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है। एसपी ने इस मामले की जांच डीएसपी श्री नयनादेवी जी संजय शर्मा को सौंप दी है। उन्हें सात दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा डीएसपी को थाने में नए स्टाफ की तैनाती के आदेश दिए गए हैं।
15 सितंबर को टैक्सी चालक की हत्या के बाद चारों अभियुक्त लूटी गई कार में थाना स्वारघाट के सामने से रात 3:25 बजे नालागढ़ की ओर निकले।
कार को पकड़ने के लिए कंट्रोल रूम से रात 1:15 बजे ही सूचना दे दी गई थी। दूसरी बार रात 2:40 बजे सभी थानों को फिर अलर्ट किया गया। लेकिन स्वारघाट पुलिस की लापरवाही का आलम यह रहा कि सूचना मिलने के बाद भी आरोपी प्रदेश की सीमा से बाहर निकलने में कामयाब हो गए। बताया जा रहा है कि स्वारघाट थाना के प्रभारी इस दौरान सात दिन के अवकाश पर थे। इसलिए उन्हें फिलहाल तब्दील नहीं किया गया है। डीएसपी संजय शर्मा को जांच रिपोर्ट में एसएचओ स्वारघाट पर भी टिप्पणी देने को कहा गया है।
चारों आरोपियों की तीन दिन बढ़ी रिमांड
टैक्सी चालक हत्या मामले में न्यायालय ने चारों आरोपियों की तीन दिन रिमांड बढ़ा दी है। इससे पहले आरोपियों को चार दिन की पुलिस रिमांड मिली थी। एसपी ने बताया कि छानबीन में पता चला है कि आरोपियों में से एक का पिता मटियाणा में ट्रक चलाने का काम करता है। उसके परिवार की एक महिला चिंतपूर्णी में रहती हैं। आरोपी चिंतपूर्णी में पारिवारिक आयोजन में हिस्सा लेने जा रहे थे।
बिलासपुर के कंदरौर पहुंचने पर उन्होंने टैक्सी चालक से गाड़ी छीनने की योजना बनाई। इसके बाद उन्होंने हत्या को अंजाम दिया। एसपी ने कहा कि हत्याकांड में निडर होकर ड्यूटी का निर्वहन करने वाले कांस्टेबल अजय को उसके साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा। बेहतरीन कार्य करने पर प्रथम श्रेणी के प्रमाण पत्र के लिए उनका नाम भेजा जाएगा।