तिब्बती धर्मगुरु करमापा को विदेशी करेंसी मामले में राहत
तिब्बतियों के धर्मगुरु करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे को सुप्रीम कोर्ट से बहुचर्चित जमीन खरीद-फरोख्त और विदेशी करेंसी मामले में राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के उस आदेश पर स्टे कर दिया है, जिसमें करमापा पर मामला जारी रखने के लिए कहा गया था। करमापा के अधिवक्ता रमेश सारथी ने इसकी पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश हाईकोर्ट ने सिक्किम की एक संस्था की अपील पर ऊना कोर्ट के फैसले को पलटते हुए करमापा को आरोपी बनाए जाने का आदेश दिया था। ऊना कोर्ट ने तत्कालीन हिमाचल सरकार की अपील को मंजूर करते हुए करमापा को मामले से बाहर रखने के आदेश दिए थे। सरकार ने अपील में तिब्बत और भारत के संबंधों की दलील दी थी।
पंजाब हिमाचल की सीमा पर मिले थे एक करोड़ रुपये
सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हरीश सॉल्व, सिद्धार्थ लूथरा और नरिंद्र पाल सिंह ने एसएलए पिटीशन दायर की थी। अधिवक्ता रमेश सारथी ने बताया कि इस मामले में संबंधित एफआईआर का सीजेएम ऊना की अदालत में ट्रायल लंबित है।
ये है मामला- 26 जनवरी 2011 को ऊना में पंजाब हिमाचल सीमा पर एक करोड़ रुपये बरामद किए गए। तफ्तीश में जमीन सौदे को लेकर तिब्बती मठ के धर्मगुरु उग्येन त्रिनले दोरजे का नाम सामने आया। लिहाजा, इस मामले में अन्य आरोपियों के साथ करमापा को भी आरोपी बनाया गया।