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चौंका देगा भाजपा दफ्तर में खूनी संघर्ष का ये सच

Wed, 18 Mar 2015 09:23 AM IST
Updated Wed, 18 Mar 2015 09:23 AM IST
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riot at bjp office shimla, rti reveal big facts.

युवा कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच 29 जनवरी को भाजपा मुख्यालय दीपकमल के बाहर हुए खूनी संघर्ष मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। युवा कांग्रेस या कांग्रेस के पास दीपकमल के बाहर प्रदर्शन करने की कोई अनुमति नहीं थी। जिला प्रशासन से युकां ने प्रदर्शन करने के लिए कोई अनुमति लेना भी जरूरी नहीं समझा।

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युवा कांग्रेस ने केवल पुलिस को टेलीफोन पर प्रदर्शन करने की सूचना दी थी। जिला प्रशासन की ओर से भाजयुमो के प्रदेश प्रवक्ता करण नंदा को सूचना के अधिकार 2005 के तहत अतिरिक्त दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) डीके रतन ने अनुमति न लेने की जानकारी दी है।
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29 जनवरी को भाजपा मुख्यालय दीपकमल के बाहर भाजपा और युवा कांग्रेस के बीच जमकर पथराव हुआ था। इस घटना में भाजपा नेता राजेश शारदा की एक आंख की रोशनी भी चली गई है।

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ये थी जांच रिपोर्ट

riot at bjp office shimla, rti reveal big facts.

सरकार द्वारा बिठाई मैजिस्ट्रेट जांच में दीपकमल के बाहर हुए भाजपा-युवा कांग्रेस के खूनी संघर्ष की मैजिस्ट्रेट जांच में संघर्ष के लिए भीड़ को उत्तरदायी ठहराया था। दोनों संगठनों में से पहले किसने झगड़ा शुरू किया? इसका निष्कर्ष जांच में नहीं निकल सका है। जांच के दौरान 16 लोगों से पूछताछ की गई।

इसमें डाक्टर, पुलिस कर्मी, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और एसडीएम शहरी और ग्रामीण शामिल रहे। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि भाजपा ने जांच में सहयोग से इंकार किया। इसके चलते भाजपा की ओर से जांच में कोई जानकारी नहीं दी गई।

जांच कमेटी ने इलेक्ट्रानिक मीडिया से ली वीडियो क्लीप, पुलिस से वीडियो क्लीप और युवा कांग्रेस द्वारा दी गई वीडियो क्लिप से मामले को समझा। रिपोर्ट में कहा है कि 16 लोगों को चोटें आई हैं। इसमें चार पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। सिर्फ दो घायलों राजेश शारदा और त्रिलोक जंबाल को छोड़कर शेष घायलों को मामूली चोटें आई।

पहले क्लीन चिट और अब जवाब नहीं

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युवा कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई खूनी झड़प में क्लीन चिट देने वाले जिला प्रशासन ने आरटीआई में दी जानकारी में साफ किया है कि यूथ कांग्रेस को दीपकमल के बाहर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी। सवाल उठता है कि जिला प्रशासन की अनुमति के बिना यदि भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन हुआ तो प्रशासन ने क्लीन चिट किस आधार पर दी। खूनी झड़प के बाद मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन की जांच कमेटी गठित की थी।

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि खूनी झड़प के दौरान दोनों ओर से पथराव हुआ। घटना उग्र भीड़ के कारण हुई। आरटीआई के तहत दी गई जानकारी को लेकर जब जिला प्रशासन के जवाबदेह अधिकारी से उनका पक्ष पूछा गया तो वह टाल मटोल करते रहे साफ पक्ष देने से बचते रहे।

सरकार और प्रशासन से बड़ी नहीं युकां : नंदा
भाजयुमो के प्रदेश प्रवक्ता करण नंदा ने कहा कि आरटीआई से मिली जानकारी से स्पष्ट हो गया है कि युवा कांग्रेस के पास प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी। इससे सवाल खड़ा होता है कि क्या युवा कांग्रेस सरकार और प्रशासन से बड़ा है? उन्होंने कहा कि युकां का प्रदर्शन पूरी तरह से गैर कानूनी था। सोची समझी चाल के तहत भाजपा मुख्यालय के बाहर माहौल खराब किया गया।

एडीएम लॉ एंड आर्डर डीके रतन से तीन सीधे सवाल

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सवाल : आरटीआई में क्या यह जानकारी दी गई है?
जवाब : बहुत से जवाब दिए जाते हैं, सभी याद रखना संभव नहीं।

सवाल : आपने आरटीआई का जवाब एक दिन पहले ही दिया है?
जवाब : जवाब तो दिया है, लेकिन मुझे याद नहीं।

सवाल : जो मामला विधानसभा में गूंज रहा है, उसके बारे में पता नहीं?
जवाब : उन्हीं से पूछ लीजिए, जिन्हें आरटीआई में जवाब दिया गया है।

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