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कहीं मौत की तरफ तो नहीं बढ़ रहा आपका लाडला!

Mon, 06 Oct 2014 03:15 PM IST
Updated Mon, 06 Oct 2014 03:15 PM IST
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illigal drug trefficking in himachal

युवाओं पर नशे का दानव किस कद्र हावी हो चुका है, इसका अंदाजा धर्मशाला की गलियों में बिखरी नशे की खाली बोतलों से लगाया जा सकता है।

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सरकारी संस्थानों के बाहर, सुनसान सड़कों और रास्तों पर नशीले दवाइयों की खाली बोतलें, सिगरेट के खाली पैकेट और शराब की बोतलें काफी तादाद में बिखरी देखी जा सकती हैं। यही हाल स्कूलों और कालेजों के बाहर का है।

अरसा पहले धर्मशाला कालेज के आसपास भी कोरेक्स, फल्यूड की काफी मात्रा में खाली बोतलें मिली थीं। इससे पता चलता है कि काफी संख्या में छात्र नशे के दलदल में धंसते जा रहे हैं। यह देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है।
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कम उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ गए हैं। अब धर्मशाला कचहरी अड्डे के साथ लगती गलियों में एस्कोरिल सी, फल्यूड और सिगरेट के खाली पैकेट काफी मात्रा में फैले रहते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक छात्र समूहों में एकत्रित होकर खांसी की दवा की ओवरडोज लेकर नशा कर रहे हैं। दवाई से होने वाला नशा कुछ समय के लिए युवकों को चैन तो दे रहा है मगर ज्यादा सेवन के बाद युवक बार-बार दवाइयों की डिमांड कर रहे हैं।

मे‌डि‌कल स्टोरों से नशे का सामान हो चुका है बरामद

illigal drug trefficking in himachal

हालांकि, पुलिस भी मेडिकल स्टोरों में चेकिंग के बाद नशीली दवाइयां बरामद कर चुकी है, लेकिन पुलिस कार्रवाई के कुछ समय बाद यह सिलसिला फिर शुरू हो जाता है।

नशीली दवाइयों के सेवन से नूरपुर में एक युवक की जनवरी माह में मौत भी हो चुकी है। उधर, एएसपी डा. शिव कुमार ने बताया कि पुलिस नशे का कारोबार करने वालों पर शिकंजा कस रही है।

समय-समय पर नशे की सामग्री के साथ आरोपियों को दबोच रही है। पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पेरेंट्स रखें बच्चों पर नजर

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फोरेंसिक लैब के सहायक निदेशक डा. एसके पाल ने बताया कि खांसी की दवाइयों के अलावा आयोडेक्स और अन्य नशे सीधे युवाओं को मानसिक रूप से कमजोर करते हैं।

पहले मजे के लिए युवक नशा करते हैं, बाद में नशे के आदी हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए अभिभावकों को भी बच्चों पर नजर रखनी चाहिए, ताकि बच्चों को नशे से दूर रखा जा सके।

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