कागजों में ही रोप दिए 14 लाख के पौधे, अब नपेंगे वन विभाग के बड़े अधिकारी
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सदर वन खंड में कागजों में ही लाखों रुपये के पौधे लगाने के मामले में वन विभाग के बड़े अधिकारी भी अब विजिलेंस के रडार पर हैं। 40 लोगों से पूछताछ के बाद विजिलेंस ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर के सैंपल जांच को प्रयोगशाला भेजे हैं, जिनकी देखरेख में पौधे लगाए गए हैं। ये वे अधिकारी हैं जिन्होंने कार्य को पास किया और पेमेंट जारी की।
सदर वन खंड के बिनौला, मारकंड और कुड़ी आदि वन बीट में वन विभाग ने पूर्व के वर्षों में पौधरोपण किया था। उक्त साइटों पर करीब 14 लाख रुपये खर्च कर पौधरोपण करने का दावा किया गया। विजिलेंस ने मामले की शिकायत मिलने के बाद छानबीन में पाया कि मौके पर पौधे लगाए ही नहीं गए थे।
लाखों का यह पौधरोपण कागजों में ही हुआ था। छानबीन के बाद सभी साक्ष्य जुटाकर विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की। विजिलेंस ने मामले में करीब 40 लोगों से पूछताछ की है। इसमें ठेकेदार से लेकर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
अब विजिलेंस ने साक्ष्य और मजबूत करने के लिए जिम्मेदार लोगों के हस्ताक्षर जांच के लिए भेजे हैं। डीएसपी विजिलेंस संजीव कुमार ने बताया कि हस्ताक्षर जांच के लिए भेजे गए हैं। मामले में कई लोगों के पूछताछ की गई है। रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वनरक्षक से लेकर बड़े अधिकारी हैं जिम्मेदार
वन विभाग जब भी पौधे लगाने का कार्य करता है तो इसके लिए बड़े अधिकारी स्थान का चयन करते हैं। इसके बाद मौके पर निरीक्षण कर तय किया जाता है कि कितने पौधे लगाए जाएंगे। पौधरोपण वनरक्षक की देखरेख में होता है। आरओ रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजता है। इसके बाद उच्च अधिकारी लेबर से लेकर अन्य कार्य के लिए बिल की पेमेंट करते हैं।