पेट्रोल पंप के नाम पर महिला से 9.98 लाख की ठगी
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पेट्रोल पंप खोलने के नाम पर एक महिला के साथ लाखों की ठगी हो गई। 9.98 लाख लुटाने के बाद भी शातिरों ने पेट्रोल पंप नहीं खोला और न ही महिला के पैसे लौटाए। धोखाधड़ी का यह मामला हिमाचल के ऊना में सामने आया है। यहां उपमंडल बंगाणा में पेट्रोल पंप खोलने के नाम पर एक महिला के साथ लाखों की ठगी हो गई।
पैसे लेने के बाद भी जब पेट्रोल पंप न लगा तो पीड़ित को शक हुआ। इसके बाद पीड़ित ने बंगाणा थाना में कांगड़ा के दो व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दी है। इस पर पुलिस ने धोखाधड़ी मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है। बंगाणा के थाना प्रभारी त्रिलोक चंद ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है।
शातिरों ने महिला को ऐसे फंसाया जाल में
जानकारी के अनुसार, मलांगड़ पंचायत के गांव अमरेहड़ निवासी गुरदेश शर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई कि कि वर्ष 2014 में उनके किसी जानने वाले ने कांगड़ा के दो व्यक्तियों से मुलाकात करवाई। उन्होंने बंगाणा में किसी स्थान पर इंडियन आयल का एक पेट्रोल पंप खुलवाने का वादा किया।
उन्होंने गुरदेश से कुल दस लाख रुपये की मांग की। गुरदेश ने वर्ष 2014 में छह किस्तों में उन्हें लगभग 9.98 लाख रुपये नकद पेट्रोल पंप खुलवाने के लिए दे दिए। इसके बाद जब वे और रुपये की मांग करने लगे तो महिला को उन पर शक हुआ। इसके बाद गुरदेश ने उनको दिए सारे रुपये लौटाने की बात कही।
इस पर वे रुपये वापस करने में आनाकानी करने लगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि काफी दबाव डालने पर दोनों आरोपियों ने कुछ रुपये के चेक दिए। ये चेक बैंकों में कैश नहीं होने की वजह से खारिज हो गए। इसके बाद मामले की शिकायत बंगाणा पुलिस थाने में दर्ज करवाई।
बीबीएन में बैंक से 42 लाख की धोखधड़ी
उधर, नालागढ़ के केनरा बैंक से पचास लाख का ऋण लेकर न चुकाने पर एक उद्यमी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। बैंक के प्रबंधक ने इस संदर्भ में अदालत में याचिका दायर की थी। कोर्ट के आदेश के बाद नालागढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया है जिसकी पुष्टि एसपी बिशेर सिंह ने की है।
पुलिस के अनुसार उद्यमी गंगा इंटरप्राइजेज के मालिक दिनेश कुमार वीपीओ किशनपुरा पर आरोप है कि उसने बैंक को तय किश्तों पर ऋण चुकाने के अनुबंध को तोड़ा है। उद्यमी ने वर्ष 2014 में बैंक से पचास लाख का ऋण लिया था। साथ ही अनुबंध किया था कि इस ऋण को तय किश्तों में बैंक के नियमों के अनुसार लौटाएगा। कुछ किश्ते देने के बाद पैसा देना बंद कर दिया।
कंपनी ने इस संबंध में पूछताछ करने के बाद लीगल नोटिस जारी करते हुए रकम चुकाने की चेतावनी दी थी, लेकिन उसके बावजूद किश्त जमा नहीं कराई। यहीं नहीं बैंक ने जांच में पाया कि उद्यमी ने उद्योग में लगाई मशीनरी को भी बेच दिया है। उन्होंने इसकी शिकायत कोर्ट में की जिसमें कोर्ट के आदेश पर नालागढ़ में मामला दर्ज हुआ।