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दस साल बाद 836 सेवानिवृत्त प्रिंसिपलों को नियमित पदोन्नति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:00 AM IST
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे चुके 800 से अधिक प्रिंसिपलों को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद नियमित पदोन्नति मिल गई है। साल 2008 के बाद से डीपीसी नहीं होने से 836 प्र्रिंसिपल तदर्थ आधार पर नियुक्त थे। शिक्षा विभाग ने अब डीपीसी कर इन्हें नियमित पदोन्नति दे दी है।
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हेडमास्टर से प्रिंसिपल बने करीब 800 प्रिंसिपल सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। प्रवक्ता से प्रिंसिपल बनने वाले ही अभी कार्यरत हैं। इन सभी प्रिंसिपलों को सरकार ने बैक डेट से वित्तीय लाभ देने का फैसला लिया है। 2000 से अधिक अन्य प्लेसमेंट पर नियुक्त प्रिंसिपलों को भी नियमित पदोन्नति देने की विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि साल 2008 में तदर्थ आधार पर पदोन्नत हुए 836 प्रवक्ताओं व मुख्याध्यापकों को नियमित प्रधानाचार्य पदोन्नत कर दिया गया है। अब सरकार चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2018 तक तदर्थ आधार पर पदोन्नत सभी प्रधानाचार्यों को नियमित करेगी।
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इसके लिए अब वर्षवार विभागीय पदोन्नति बैठक की जाएगी। स्थायी नियुक्ति मिलने के बाद सेवानिवृत्ति प्रिंसिपलों को प्रति माह करीब दो हजार रुपये के हिसाब से वित्तीय लाभ मिलेंगे। साल 2008 से 2018 तक करीब 2800 लेक्चरों और हेडमास्टरों को तदर्थ और प्लेसमेंट आधार पर प्रिंसिपल बनाया गया।