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राजस्थान में तीन और लोगों की मौत, 83 नए मामले सामने आए, संक्रमितों की संख्या 6098 हुई

कोरोना वायरस से देशभर में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक राजस्थान में गुरुवार को सुबह नौ बजे तक कोरोना वायरस के 83 और मामले सामने आए जिससे राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 6,098 हो गई है। 

83 नए मामलों में से डूंगरपुर में 28, उदयपुर में 10, जयपुर में आठ, नागौर में आठ, राजसमंद में छह, बीकानेर में छह, अलवर में चार और भीलवाड़ा, अजमेर, कोटा एवं बाड़मेर में दो-दो नए मामले शामिल हैं। उत्तर प्रदेश का एक व्यक्ति भी यहां संक्रमित पाया गया है।

वहीं, संक्रमण से तीन और लोगों की मौत होने के मामले भी गुरुवार को सामने आए, जिससे राज्य में इस घातक वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को जयपुर, भरतपुर एवं सीकर में एक-एक संक्रमित व्यक्ति की मौत के मामले सामने आए।

इससे राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक मरने वाले लोगों की कुल संख्या 150 हो गई है। केवल जयपुर में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 74 है, जबकि जोधपुर में 17 और कोटा में 13 रोगियों की मौत हो चुकी है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ-साथ 61 वे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर एवं जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया है। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और अनेक थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।

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राजस्थान: गेहूं के लिए टोकन की लाइन में खड़ा किसान चक्कर खाकर गिरा, मौत

राजस्थान में गेहूं के टोकन की लाइन में खड़े किसान के चक्कर खाकर गिरने के बाद मौत की खबर सामने आई है। लेकिन प्रशासन ने इसे सामान्य मौत बताया है। अब इस मामले में सियास भी शुरू हो गई है। स्थानीय विधायक ने इसे लेकर राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सभी मंडियों को टोकन मुक्त किया गया है तो फिर यहां क्यों टोकन दिए जा रहे हैं।

यह मामला छबड़ा क्षेत्र के निपानिया गांव का है। यहां बुधवार को परोलिया गांव का रहने वाले किसान अमृतलाल मीणा (55) की मौत हुई। अमृतलाल के भाई मोहनलाल मीणा ने बताया कि बुधवार को निपानिया में नीलामी के गेहूं के टोकन वितरित होने थे। इसके लिए भाई अमृतलाल मंगलवार रात को ही टोकन लेने के लिए पहुंच गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि टोकन की लाइन में खड़ा अमृतलाल बुधवार सुबह 10 बजे गश खाकर गिर पड़ा और अस्पताल में उपचार के लिए ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में भाजपा के क्षेत्रीय विधायक प्रतापसिंह सिंघवी ने राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच और मृतक किसान के परिवार को सहायता देने की मांग की है। 

वहीं भाजपा देहात के अध्यक्ष अशोक गौड़ ने आरोप लगाया है कि जब जिले की मंडियों को टोकन मुक्त किया गया है तो निपानिया में टोकन क्यों बांटे जा रहे थे। उन्होंने भी किसान की मृत्यु लाइन में लगने पर तेज गर्मी के चलते गश खाकर गिरने से होने का आरोप लगाया। इसके अलावा अन्य ग्रामीणों ने भी कहा कि टोकन लेने के लिए रात से ही किसान पहुंचना शुरू ही गए थे और बुधवार सुबह भारी भीड़ लगने से अव्यवस्था फैल गई थी। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। 

स्थानीय तहसीलदार दिलीप सिंह प्रजापति ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के आरोप सही नहीं हैं। मृतक की तबीयत उसके घर पर दोपहर को बिगड़ी थी। सुबह साढ़े नौ बजे ही उसे टोकन दे दिया गया था तथा सभी कूपन 10 बजे तक पटवारी ने वितरित कर दिए थे। सीआई रामानंद यादव ने बताया कि इस मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, उन्हें भी एक किसान की टोकन की लाइन में लगने से अचानक गिरकर मृत्यु की घटना के बारे में पता चला है।
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राजस्थान के अलवर में युवती से छेड़छाड़ के आरोप में एएसआई गिरफ्तार

राजस्थान के अलवर जिले में युवती से छेड़छाड़ के आरोप में राजस्थान पुलिस के एक सह उपनिरीक्षक (एएसआई) को गिरफ्तार किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 वर्षीय युवती एक कंपनी में काम करती है। वह नीमराणा पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराने गई थी जहां से उसे संबद्ध पुलिस चौकी में भेज दिया गया।

आरोप है कि शिकायत दर्ज करने के बाद चौकी प्रभारी एएसआई सुरेंद्र सिंह ने युवती को उसके घर छोड़ने के बहाने अपने वाहन में बैठा लिया। वह उसे जापानी औद्योगिक क्षेत्र में ले गया और उसके साथ छेड़छाड़ की।

भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक अमनदीप सिंह कपूर के अनुसार, ‘युवती ने 17 मई को एएसआई के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवाया। उनके बयान लिए गए और मंगलवार को एएसआई को गिरफ्तार कर लिया गया।’

नीमराणा के थाना प्रभारी संजय शर्मा के अनुसार युवती ने लॉकडाउन में राशन दिलाने में मदद मांगी थी, इसकी व्यवस्था कर दी गई थी लेकिन बाद में उसने किराए के लिए पैसे नहीं होने और मकान मालिक द्वारा दबाव बनाए जाने की शिकायत की।
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राजस्थान में संक्रमण से दो की मौत, 91 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 8158 हुई

कोरोना वायरस से देश में सबसे ज्यादा प्रभावित पांच राज्यों में से एक राजस्थान में कोरोना वायरस से शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई जिससे राज्य में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 182 हो गई है। वहीं 91 नए मामले सामने आने के बाद इस घातक वायरस से संक्रमित मरीजों की अब तक की कुल संख्या 8,158 पर पहुंच गई है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में शुक्रवार को कोरोना वायरस से जयपुर और झुंझुनू में एक-एक मरीज की मौत हुई है। इससे राज्य में मृतकों की कुल संख्या 182 हो गई है। केवल जयपुर में कोविड-19 से मरने वालों का आंकड़ा 86 हो गया है जबकि जोधपुर में 17 और कोटा में 16 रोगियों की मौत हो चुकी है।

अन्य राज्यों के आठ रोगियों की भी यहां मौत हुई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे।

वहीं, राज्य में शुक्रवार सुबह 10 बजे तक संक्रमण के 91 नए मामले सामने आए। इनमें झालावाड़ में 42, नागौर तथा जयपुर में 12-12, चूरू में छह और उदयपुर तथा धौलपुर में पांच-पांच नए मामले शामिल हैं। राज्य में अब तक संक्रमितों की कुल संख्या 8,158 हो चुकी है।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ 61 वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर तथा जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया था। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और कई थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
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कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर) कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर)

राजस्थानः कोरोना के डर से 14 घंटे तक पड़ा रहा बच्ची का शव, फिर एसडीओ ने किया अंतिम संस्कार

देश की जनता में कोरोना महामारी का खौफ इस तरह बैठ चुका है कि अब परिजन अपनों की मौत के बाद उनसे दूरी बनाने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सामने आया है, जहां चार माह की बच्ची की मौत के बाद  गांव के लोग उसके शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। दरअसल कोरोना संक्रमण के डर के कारण परिजन भी बच्ची के शव के पास जाने तक को तैयार नहीं थे। लगभग 14 घंटे तक शव यूंही घर में पड़ा रहा। आखिर में इलाके के एसडीओ महिपाल सिंह ने पहल करते हुए मासूम के शव को उठाया और उसे शमशान घाट ले गए। यहां एसडीओ ने गड्ढे खोदकर अपने हाथों से बच्ची का अंतिम संस्कार किया।

बच्ची का परिवार मुंबई से लौटा था घर 

जानकारी के मुताबिक यह दर्दनाक मामला भीलवाड़ा जिले के करेड़ा उपखंड के चावंडिया गांव का है। यहां बुधवार रात चार माह की एक बच्ची की मौत हो गई थी। बच्ची के पिता कोरोना पॉजिटिव होने के कारण जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है। अधिक दस्त के कारण जान गंवाने वाली इस बच्ची का परिवार पिछले दिनों मुंबई से अपने घर वापस आया था। यहां आने पर उन्हें करेड़ा के क्वारंटाइन सेंटर में रखकर उनके सैंपल लिए गए थे।

इसमें बालिका के पिता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जबकि बालिका, उसकी मां और बाकी परिजनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें होम क्वारंटाइन के लिए घर भेज दिया था। लेकिन इस दौरान बुधवार रात को बच्ची की तबीयत अचानक खराब हो गई। 

सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ने बताया कि बच्ची की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने गाड़ी भेज उसे अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। अस्पताल से बच्ची के शव को वापस गांव भेज दिया गया। लेकिन बच्ची के परिजन बच्ची का फिर से जांच चाहते थे और उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया को तैयार होने की बात कही। इसके चलते बुधवार रात से गुरुवार दोपहर तक बच्ची का शव घर में पड़ा रहा।
  

सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीओ महिपाल सिंह 

इसकी सूचना मिलने पर एसडीओ महिपाल सिंह और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर दो घंटे से अधिक समय तक परिजनों से समझाइश करते रहे, लेकिन वो उसके अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद एसडीओ बच्ची के घर में प्रवेश कर उसका शव ले आए। और फिर शव को लेकर लेकर शमशान घाट पहुंच गए। यहां उन्होंने खुद गड्ढा खोदकर शव का अंतिम संस्कार किया।

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सरिस्का बाघ अभयारण्य में दिखे तीन शावक

राजस्थान के अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभ्यारण्य में तीन शावक कैमरे में देखे गए हैं। इन तीन शावकों के साथ ही सरिस्का बाघ अभयारण्य में बाघों की संख्या 20 हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके कहा है कि कोरोना वायरस चिंताओं के बीच बाघिन एसटी -12 ने अच्छी खबर दी है।

सरिस्का बाघ अभयारण्य में अब 2020 में 20 बाघ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा राज्य के इन जंगली जिंदगियों को देखने की है। एक अधिकारी ने बताया कि शावकों को सोमवार को कैमरे ने कैद किया। सरिस्का अभयारण्य में अब 16 वयस्क बाघ है।

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राजस्थान : मुख्यमंत्री आवास के पास व्यक्ति ने की आत्महत्या करने की कोशिश

शहर के सिविल लाइंस इलाके में मुख्यमंत्री निवास के पास एक व्यक्ति ने जहर खाकर कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने उसे एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार इस व्यक्ति ने सिविल लाइंस रेलवे क्रॉसिंग व मुख्यमंत्री निवास के बीच कहीं जहर खा लिया। इस बीच कथित तौर पर इस व्यक्ति छेना राम द्वारा लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इसके अनुसार वह नागौर जिले के एक गांव का रहने वाला है और पुलिस उस पर दबाव डाल रही है जिससे वह मानसिक दबाव में है। उसने आरोप लगाया है कि छह लोगों ने 18 मई को उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी लेकिन पुलिस उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं कर रही।

इस बारे में उसने पाडू कलां पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन स्थानीय पुलिस व थाना प्रभारी आरोपियों को पकड़ने के बजाय उसे ही मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पत्र के अनुसार वह पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को भी मामले से अवगत करा चुका है।
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राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के 76 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या 7376 हुई

सांकेतिक तस्वीर
कोरोना वायरस से देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के 76 नए मामले मंगलवार को सामने आए जिससे राज्य में इस घातक वायरस से अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 7,376 हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह नौ बजे तक जयपुर में 16, उदयपुर में 13, झालावाड़ में 12, राजसमंद में 11, झुंझुनू व बीकानेर में पांच-पांच, कोटा में चार, पाली में तीन व धौलपुर में दो नए मामले सामने आए हैं।

राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 167 हो गई है। केवल जयपुर में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 79 तक पहुंच गया है जबकि जोधपुर में 17 और कोटा में 16 मरीजों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी पहले से ही किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थे।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ साथ 61 वे लोग भी हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया था। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और अनेक थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
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पेट दर्द होने पर पता चला कि 17 सप्ताह का है गर्भ, छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज

राजस्थान के भरतपुर जिले में 13 साल की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कामां थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग बालिका से तीन लोग करीब चार माह से सामूहिक दुष्कर्म कर रहे थे। 

बालिका के पेट में दर्द की शिकायत पर चिकित्सक को दिखाया तो पता चला कि उसे 17 सप्ताह का गर्भ है। इस मामले में बालिका के पिता ने छह जनों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, आरोपियों के परिजनों द्वारा मामला दर्ज कराने पर जान से मारने ओर गांव से निकाल देने का मामला दर्ज कराया है। 

पीड़िता के पिता ने थाने में मामला दर्ज कराया कि करीब 4 माह पूर्व उसकी पुत्री अपने पुराने मकान से गांव के बाहर बने नए मकान के लिए खेतों में से होकर जा रही थी तो सरसों के खेत के पास सद्दाम पुत्र रशीद, तौफीक पुत्र दीनू, मम्मन पुत्र कल्ला उसे जबरन पकड़ कर सरसों के खेत में ले गए और उसके साथ तीनों ने दुष्कर्म किया। इसके कुछ दिन बाद उसकी लड़की दुकान पर सामान लेने गई तो मम्मन उसे पकड़कर घर ले गया और दुष्कर्म किया।

इसके बाद जब और जहां बालिका मिलती तीनों उसके साथ दुष्कर्म करते। इससे भयभीत होकर बालिका अवसाद में आ गई ओर परेशान रहने लगी। 23 मई को बालिका के पेट में दर्द होने पर जब अस्पताल लेकर गए तथा सोनोग्राफी कराई तो बालिका के 17 सप्ताह के गर्भ का पता चला। 

24 मई को जब बालिका के परिजन जब आरोपियों के परिजनों के पास गए तो शेरू पुत्र रहमान, आजाद पुत्र रशीद, मुल्ला पुत्र शेरू ने जाति सूचक शब्दों से अपमानित कर कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने और गांव से निकाले की धमकी दी। पिता ने सद्दाम, तौफीक, मम्मन, शेरू, आजाद व मुल्ला को नामजद करते दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है।
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Maruti S-Presso के CNG मॉडल का उत्पादन शुरू, जल्द होगी लॉन्च

देश के इकलौते क्वारंटीन सेंटर की कहानी, जहां के सकारात्मक माहौल में नहीं है कोरोना का खौफ, मिलती है शांति

पारड़ा चुंडावत क्वारंटीन सेंटर, यहां कोरोना का डर ही नहीं है, बाकी सब कुछ है। सेंटर में रहने वाले लोगों का जीवन बदल गया, दिनचर्या बदल गई। जब लोग यहां पर आए तो उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि क्वारंटीन सेंटर ऐसा भी हो सकता है।

सुबह उठो तो एरोबिक्स है, योगा है और संगीत है। भजन और देशभक्ति के गीतों में मन लगता है तो ठीक है अन्यथा आपकी पसंद से 'लता और किशोर' के गीत सुनाए जाते हैं। आपकी मर्जी है कि आप सुनना क्या चाहते हैं।

समाचार सुन सकते हैं और पढ़ भी सकते हैं। क्वारंटीन सेंटर पर रहने वाले लोग खुद अपना मेन्यू तय करते हैं। भोजन भी उसी के अनुरूप मिलता है। बच्चों के लिए चित्रकारी, अंताक्षरी, स्पेलिंग, पर्यायवाची व शब्द उच्चारण आदि के माध्यम से रोचक माहौल बनाया जाता है। बच्चों को बिल्कुल हॉस्टल सा माहौल मिलता है। 

रोल मॉडल बना डूंगरपुर का यह क्वारंटीन सेंटर

यहां बात हो रही है राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित क्वारंटीन सेंटर की। इस सेंटर पर आने वाले लोगों को कोरोना से डर नहीं रहता। संगीत, योग, और एरोबिक्स के जरिए उन्हें कोरोना से लड़ने की ताकत प्रदान की जाती है।

सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की सहायक निदेशक छाया चौबीसा के अनुसार, वैश्विक महामारी के इस दौर में खासतौर पर क्वारंटीन सेंटर को लेकर भय की काल्पनिक तस्वीर बनी हुई है। डूंगरपुर जिले में स्थित एक क्वारंटीन सेंटर ऐसा भी है, जहां पर भय नहीं, केवल आनंद है।

नित्य नए नवाचारों से यहां मौजूद लोगों को हर पल जीवन को एक नए उत्साह से जीने का तरीका सिखाया जा रहा है। कभी उल्लास भरते गीत हैं तो कभी मन को शांत करने के लिए आध्यात्म का पाठ है।

कभी म्यूजिक थेरेपी से भीतर की सकारात्मक उर्जा को जागृत किया जाता है तो कभी योग और ध्यान से मन को साधने की कला को सिखाया जा रहा है। इन नवाचारों का परिणाम है कि यहां रहने वाले लोगों के मन में कोरोना के लिए डर दूर हो चुका है।

इन अनूठे नवाचारों की बदौलत डूंगरपुर जिले का पारड़ा चुंडावत क्वारंटीन एक रोल मॉडल के रूप में विकसित हुआ है।

संगीत, योगा, एरोबिक्स और मेडिटेशन से बना सकारात्मक माहौल

क्वारंटीन सेंटर पर रहने वालों की नींद अल सुबह 6 बजे मधुर भजनों के साथ खुलती है। दैनिक क्रिया करने के बाद योग की क्लास लगती है। दो टीम योग कराती हैं। कुछ लोग खुले मैदान में योग करते है तो अन्य अपने कमरों में रहते हुए योगाभ्यास करते हैं।

कमरे में मौजूद लोगों में से ही एक व्यक्ति दरवाजे के बीच में खड़ा होता है। वह बाहर मैदान में योग करने वालों को देखकर योग क्रियाएं संपादित करता है। इसे सेंटर के भीतर मौजूद सभी लोग फॉलो करते हैं।

पूर्ण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए योग कराया जाता है। इसके बाद म्यूजिक पर एरोबिक्स होता है। उसके बाद पसंद का नाश्ता मिलता है। नहाने के बाद दोपहर का भोजन और आराम की नींद।

सायं 5 बजे पसंद के फिल्मी गाने, जिसमें किशोर कुमार, रफी, लता मंगेशकर आदि अन्य गायकों के गाने सम्मिलित हैं, सुनाए जाते हैं। उसके बाद वे लोग भजन, आरती और देशभक्ति के गानों के साथ भोजन करते हैं।

साइकोलॉजिकल सपोर्ट के लिए काउंसलिंग दी जाती है

क्वारंटीन सेंटर पर आने वालों लोगों के मन में एक अनावश्यक भय होता है कि कहीं कुछ हो न जाए। अब उनके घर-परिवार का क्या होगा। ऐसे कई सवाल उनके दिमाग में आते हैं। शुरू में कई लोग इसके चलते गुमसुम हो जाते हैं।

ऐसे में इन लोगों को साइकोलॉजिकल सपोर्ट देने के लिए काउंसलिंग दी जाती है। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए शरीर-क्रिया विज्ञान को आध्यात्म से जोड़ते हुए समझाया जाता है।

सेंटर प्रभारी एवं उपखण्ड अधिकारी साबला मनीष फौजदार का कहना है कि शुरुआती दिनों में देखा गया कि यहां पर आने वाले दिनभर गुस्सा करते थे। उनमें चिड़चिड़ापन भी देखा गया। हमनें उनकी इस परेशानी को समझा।

इन लोगों को मानसिक शांति देने का प्रयास शुरू हुआ। दिमाग को डायवर्ट करने के लिए कई गतिविधियां चालू की गईं। म्यूजिक थेरेपी की मदद ली गई। म्यूजिक सिस्टम हॉस्टल में लगाकर इसे यूट्यूब से जोड़ दिया गया।

दिनभर का शेड्यूल भी तैयार किया गया। यानी सुबह भजन, दोपहर को फिल्मी गाने, शाम को भजन, आरती और देशभक्ति फरमाइश गीत लगाने शुरू कर दिए। इसके परिणाम सामने आए। चिड़चिड़ापन गायब हो गया।

जिला कलेक्टर कानाराम का कहना है कि पारडा चुण्डावत क्वारंटीन सेंटर पर किए गए नवाचारों से वहां मौजूद लोगों में डर नहीं वरन, एक सकारात्मकता आई है। निसंदेह यह प्रयास सराहनीय एवं अनुकरणीय है। 
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राजस्थान: भाई ने दोस्तों के साथ मिलकर 10 साल की बहन से दुष्कर्म किया, चारों आरोपी गिरफ्तार

जयपुर के मनोहरपुर थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से कमजोर एक बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या किए जाने के सिलसिले में पुलिस ने नाबालिग के भाई और उसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण दस साल की यह बच्ची अपना नित्यक्रम भी नहीं कर पाती थी। उन्होंने बताया कि उसका भाई जीशान और उसके तीन दोस्त साजिद अली, अमजद अली व वाजिद अली 17 मई को उसे पास के जंगल में ले गए। आरोपियों ने बलात्कार करने के बाद बच्ची का गला घोंट दिया और शव को पास के नाले में फेंक दिया।

इस बारे में बच्ची के पिता ने 18 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस को जांच के दौरान इन चारों पर संदेह हुआ। मनोहरपुर के थानाधिकारी रामस्वरूप ने कहा कि चारों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। इनकी उम्र 19 से 21 साल के बीच है और सभी एक ईंट भट्टे पर काम करते हैं।

पुलिस ने कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मृतक बच्ची की झुग्गी-झोपड़ी के आसपास और पड़ाेसियों से पूछताछ की। संदेह के आधार पर लड़की का भाई जिशान अली और उसके तीन दोस्तों बरेली निवासी साजिद अली, अमजद अली और वाजिद अली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने गुनाह कबूल कर लिया।

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राजस्थान और उत्तराखंड सरकार में अस्थि विसर्जन के लिए फ्री बसों पर बनी सहमति

राजस्थान में लॉकडाउन लागू होने के बाद दिवंगत हुए लोगों की अस्थियों के विसर्जन के लिए चलाई जाने वाली विशेष बसों को लेकर राजस्थान और उत्तराखंड सरकार में सहमति बन गई है। राजस्थान सरकार ने इन विशेष बसों को नि:शुल्क चलाने की घोषणा की है।

अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान सरकार के आग्रह पर उत्तराखंड सरकार ने अस्थि विसर्जन के लिए बसों के आवागमन की सहमति दे दी है। इससे शोक संतप्त परिजन अस्थि विसर्जन स्थलों पर जा सकेंगे।

अधिकारी इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से सहमति लेने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। अस्थि विसर्जन के लिए किसी भी परिवार के दो या तीन सदस्य इन विशेष बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुक्रवार को की गई समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) सुबोध अग्रवाल ने बैठक में बताया कि अब राजस्थान से हरिद्वार तथा अन्य अस्थि विसर्जन स्थलों के लिए प्रतिदिन चार या पांच बसें संचालित होंगी। ये बसें शुरू में राज्य के सम्भागीय मुख्यालयों से तथा उसके बाद आवश्यकतानुसार जिला मुख्यालयों से चलाई जाएंगी। इससे पहले गहलोत ने इस तरह की विशेष बसें चलाने की घोषणा की थी।
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