कोटा: घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था, अब पूर्व संयुक्त निदेशक के खिलाफ रिश्वतखोरी का एक और मामला दर्ज
कृषि विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा के खिलाफ 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने का एक और मामला दर्ज हुआ है। एसीबी जांच में शिकायत सही मिली। इससे पहले बारां टीम उन्हें 8 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर चुकी है।
विस्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कृषि विभाग के तत्कालीन संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा के खिलाफ रिश्वत मांगने का एक और मामला दर्ज किया है। बारां एसीबी की टीम आरोपी अधिकारी को पहले ही रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बावजूद कोटा एसीबी को आरोपी के खिलाफ 5,000 रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद कोटा टीम आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही थी, लेकिन इससे पहले ही बारां एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जयपुर मुख्यालय से दर्ज हुआ मुकदमा
कोटा एसीबी ने मामले की रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय भेजी। वहां अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपी अधिकारी अगस्त में सेवानिवृत्त हुआ है। आरोप है कि सेवानिवृत्ति से पहले वह खाद और बीज विक्रेताओं से लगातार अवैध वसूली कर रहा था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के कोटा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि 5 मई को बारां निवासी एक खाद विक्रेता ने शिकायत दर्ज कराई थी।
पढे़: जोधपुर जेल की बैरक में कैसे पहुंचा मोबाइल?: हिस्ट्रीशीटरों की पूड़ी पार्टी का वीडियो वायरल, देखें वीडियो
लाइसेंस सत्यापन के नाम पर मांगी रिश्वत
पीड़ित व्यापारी समसपुर में खाद और बीज की दुकान चलाता है। कृषि विभाग ने उसे दुकान के लिए लाइसेंस जारी किया हुआ है। लाइसेंस के वार्षिक नवीनीकरण के साथ स्टॉक रजिस्टर और बिलों के सत्यापन के एवज में तत्कालीन संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा पर रिश्वत मांगने का आरोप है। 6 मई को कराए गए सत्यापन में आरोपी द्वारा 5,000 रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद कोटा एसीबी टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाने की तैयारी की, लेकिन इससे पहले ही बारां एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी कोटा और बारां दोनों जगह के दुकानदारों से इसी तरह रिश्वत मांग रहा था।
दो विक्रेताओं से 8 हजार रुपये लेते पकड़ा था
बारां एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम वर्मा ने बताया कि मूल रूप से बूंदी जिले की हिंगोनिया पंचायत के छाड़गांव निवासी आनंदीलाल मीणा के खिलाफ शिकायत मिलने पर 6 मई को कार्रवाई की गई थी। एसीबी टीम ने आरोपी को दो अलग-अलग विक्रेताओं से कुल 8,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। आरोपी प्रति दुकान स्टॉक प्रमाणित करने के लिए 5,000 रुपये रिश्वत मांगता था। सौदा तय होने के बाद वह किसी से कम तो किसी से अधिक रकम वसूलता था। इस मामले में आरोपी करीब एक महीने पहले ही जमानत पर रिहा हुआ है।