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आप को नहीं है सरहदी क्षेत्र का अनुभव, लोग सोच समझ कर वोट करें: मनीष तिवारी
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लुधियाना। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और हलका श्री आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि पंजाब सरहदी राज्य है और आम आदमी पार्टी को इसका अनुभव नहीं है। लोग उन्हें सोच समझ कर वोट करे। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस को अपने चालीस साल दिए हैं और सेवा की है। उनके परिवार ने पार्टी के लिए कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनके निजी रिश्ते हैं। वह पहले भी उनके साथ मुलाकात करते थे और उनके कांग्रेस छोड़ने के बाद भी बात होती है।
मनीष तिवारी ने कहा पंजाब का चुनाव इस बार काफी मायने रखता है, क्योंकि सूबे के मतदाता असमंजस की स्थिति में हैं कि किस दल को अपना नेतृत्व सौंपे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों की जुबां पर नए अनुभव की चर्चाएं ज्यादा हो रही हैं। अगर लोगों ने आम आदमी पार्टी को मौका दे दिया, तो आने वाले 5 साल पंजाब के लिए घातक होंगे। पंजाब बार्डर एरिया है, जहां पड़ोसी देश पाकिस्तान की ओर से दशकों से लगातार पंजाब का माहौल बिगाड़ने की साजिशें रची जा रही हैं। आम आदमी पार्टी को पंजाब की स्थिति की समझ आएगी, तब तक पंजाब के हालात काफी खराब हो जाएंगे। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बयान दे रहे हैं कि रिवायती पार्टियां एसवाईएल मुद्दा हल नहीं होने देना चाहती, लेकिन उनका मानना है कि केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट में चल रहे इस गंभीर मुद्दे से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं।
हिंदू सीएम चेहरे संबंधी सुनील जाखड़ के बयान पर मनीष तिवारी ने कहा कि पंजाब हिंदू-सिख भाईचारे का राज्य है, लेकिन सवाल यह उठता है कि यह मुद्दा चुनाव से ठीक पहले क्यों उठाया जाता है। पंजाब में हिंदू-सिख में कोई फर्क नहीं है। अगर कोई यह फर्क समझता है, तो स्पष्ट है कि ऐसे लोग आईएसआई जैसी एजेंसियों की बोली बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सियासी फायदे के लिए नेता ऐसी बयानबाजी कर पंजाब का माहौल खराब न करें।
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पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू संबंधी पूछे गए सवालों पर मनीष तिवारी ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह कह डाला कि सिद्धू की सिद्धू ही जाने। पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार के कांग्रेस छोड़ देने संबंधी मनीष तिवारी ने स्वीकार किया है कि यह गंभीर मुद्दा है। बातों ही बातों में उन्होंने कहा कि अगर सेखड़ी कांग्रेस छोड़ गए हैं, तो शायद इसके पीछे वे कोई सियासी लाभ ढूंढ रहे होंगे।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के 111 दिनों के कार्यकाल संबंधी पूछे गए सवाल पर मनीष तिवारी ने कहा कांग्रेस की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने पांच वर्षों में हर दिन काम किया है, लेकिन फर्क यह रहा कि समय-समय पर मुख्यमंत्री के किरदार बदलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सियासी दल मतदाताओं को रिझाने के लिए मुफ्त सुविधाओं की घोषणा तो कर रहे हैं, लेकिन असल मुद्दे चुनाव में लापता है। अहम मुद्दा पंजाब पर तीन लाख करोड़ रुपयों का कर्ज कैसे खत्म होगा। पंजाब में भू जल स्तर काफी गिर चुका है। कभी 6 फीट पर पानी उपलब्ध था अब जलस्तर 600 फीट नीचे पहुंच गया है। पंजाब की जवानी आइलेट्स कर विदेश जा रही है और गांव के गांव खाली हो रहे हैं।
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मनीष तिवारी ने कहा पंजाब का चुनाव इस बार काफी मायने रखता है, क्योंकि सूबे के मतदाता असमंजस की स्थिति में हैं कि किस दल को अपना नेतृत्व सौंपे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों की जुबां पर नए अनुभव की चर्चाएं ज्यादा हो रही हैं। अगर लोगों ने आम आदमी पार्टी को मौका दे दिया, तो आने वाले 5 साल पंजाब के लिए घातक होंगे। पंजाब बार्डर एरिया है, जहां पड़ोसी देश पाकिस्तान की ओर से दशकों से लगातार पंजाब का माहौल बिगाड़ने की साजिशें रची जा रही हैं। आम आदमी पार्टी को पंजाब की स्थिति की समझ आएगी, तब तक पंजाब के हालात काफी खराब हो जाएंगे। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बयान दे रहे हैं कि रिवायती पार्टियां एसवाईएल मुद्दा हल नहीं होने देना चाहती, लेकिन उनका मानना है कि केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट में चल रहे इस गंभीर मुद्दे से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं।
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हिंदू सीएम चेहरे संबंधी सुनील जाखड़ के बयान पर मनीष तिवारी ने कहा कि पंजाब हिंदू-सिख भाईचारे का राज्य है, लेकिन सवाल यह उठता है कि यह मुद्दा चुनाव से ठीक पहले क्यों उठाया जाता है। पंजाब में हिंदू-सिख में कोई फर्क नहीं है। अगर कोई यह फर्क समझता है, तो स्पष्ट है कि ऐसे लोग आईएसआई जैसी एजेंसियों की बोली बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सियासी फायदे के लिए नेता ऐसी बयानबाजी कर पंजाब का माहौल खराब न करें।
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पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू संबंधी पूछे गए सवालों पर मनीष तिवारी ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह कह डाला कि सिद्धू की सिद्धू ही जाने। पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार के कांग्रेस छोड़ देने संबंधी मनीष तिवारी ने स्वीकार किया है कि यह गंभीर मुद्दा है। बातों ही बातों में उन्होंने कहा कि अगर सेखड़ी कांग्रेस छोड़ गए हैं, तो शायद इसके पीछे वे कोई सियासी लाभ ढूंढ रहे होंगे।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के 111 दिनों के कार्यकाल संबंधी पूछे गए सवाल पर मनीष तिवारी ने कहा कांग्रेस की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने पांच वर्षों में हर दिन काम किया है, लेकिन फर्क यह रहा कि समय-समय पर मुख्यमंत्री के किरदार बदलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सियासी दल मतदाताओं को रिझाने के लिए मुफ्त सुविधाओं की घोषणा तो कर रहे हैं, लेकिन असल मुद्दे चुनाव में लापता है। अहम मुद्दा पंजाब पर तीन लाख करोड़ रुपयों का कर्ज कैसे खत्म होगा। पंजाब में भू जल स्तर काफी गिर चुका है। कभी 6 फीट पर पानी उपलब्ध था अब जलस्तर 600 फीट नीचे पहुंच गया है। पंजाब की जवानी आइलेट्स कर विदेश जा रही है और गांव के गांव खाली हो रहे हैं।