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जाली पहचान पत्र तैयार कर दो पहिया वाहन फाइनांस करवा करते थे बैंकों से धोखाधड़ी

Tue, 09 Jan 2018 10:25 PM IST
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:25 PM IST
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जाली पहचान पत्र तैयार कर दो पहिया वाहन फाइनांस करवा करते थे बैंकों से धोखाधड़ी
जाली पहचान पत्र से वाहन कराते थे फाइनेंस
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पुलिस ने गिरोह के चार सदस्य दबोचे, चार फरार, 37 दो पहिया वाहनबरामद
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
जाली पहचान पत्र तैयार कर बैंकों से दो पहिया वाहन फाइनेंस करवा लोगों को सस्ते भाव में बेच कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को सदस्यों को थाना पीएयू की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के चार सदस्य अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 37 दो पहिया वाहन बरामद किए हैं। आरोपियों ने दो पहिया वाहनों की एजेंसियों के साथ कई बैंकों के साथ भी धोखाधड़ी की है। इसमें बैंक के मुलाजिम भी शामिल थे।
पुलिस ने इस मामले में दुर्गापुरी हैबोवाल के रहने वाले मोहित पुरी, सिंहपुरा मोहल्ला निवासी गगनदीप सिंह उर्फ गगन, डुगरी निवासी रोबिन बजाज व डाबा कालोनी निवासी जसविंदर सिंह मोंटी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर फरार आरोपी गैंग लीडर खुड्ड मोहल्ला के राजीव कुमार, आरके रोड निवासी प्रदीप गर्ग, गुरु अर्जुन देव नगर निवासी प्रिंस व राहुल बग्गा की तलाश में जुटी है।
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पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने बताया कि आरोपी जाली दस्तावेज तैयार कर लेते थे और बैंक मुलाजिमों की मदद से लोन पास करवाते थे। आरोपी दो पहिया वाहन एजेंसी को डाउन पेमेंट भी दे देते थे। उसके बाद एक्टिवा या फिर कोई ओर दो पहिया वाहन ले जाते और उसकी किस्तें देना बंद कर देते थे। जिसके नाम से लोन होता था, उसे इस बारे में कुछ पता भी नहीं चलता था। उसे उस समय पता चलता था जब बैंक की तरफ से उसे बकाया लोन का नोटिस आता था। आरोपी भोले भाले लोगों को फंसा कर सस्ते भाव में वाहन बेच देते थे। पुलिस कमिश्नर के अनुसार आरोपियों से 37 वाहन बरामद कर लिए गए है, जबकि 26 वाहन अभी बरामद करने बाकी हैं। इसके अलावा पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने कई लोगों के नाम पर जाली दस्तावेज तैयार कर लोन लिया था।
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फेसबुक से नाम और पता निकालते थे आरोपी
पुलिस कमिश्नर ने बताया आरोपी फेसबुक पर लोगों के नाम और पता निकाल लेते थे। उसके बाद आरोपी गुरु अर्जुन देव नगर के रहने वाले प्रिंस के पास जाते थे, जिसने घर पर ही कंप्यूटर लगा रखा था। वहां आरोपी जाली दस्तावेज तैयार करते थे। आरोपियों ने प्रिंस के घर पर ही कई लोगों के नाम से जाली दस्तावेज तैयार कर रखे थे। इस बारे में किसी को कुछ पता भी नहीं चलता था। सभी आरोपी गैंग के सरगना राजीव के जरिये आपस में मिले थे। आरोपी राजीव ने ही बैंक मुलाजिम प्रदीप गर्ग और राहुल बग्गा से मुलाकात हुई। आरोपी जाली दस्तावेज तैयार करने के बाद दोनों को दे देते थे और प्रदीप व राहुल ही दोपहिया वाहन का लोन पास करवा देते थे। उसके बाद आरोपी भोले भाले लोगों की तलाश करते थे और उन्हें सस्ते भाव में वाहन दिलाने का झांसा देकर कहते थे कि वह उन्हें कागजात भी पूरे दिलवाएंगे। आरोपी ग्राहक की मांग के अनुसार ही उन्हें वाहन उपलब्ध करवाते थे। पुलिस कमिश्नर ने बताया जांच की जा रही है कि आरोपियों के साथ ओर कितने लोग शामिल है और कितने लोगों के नाम पर आरोपियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर बैंकों से लोन लिया है।
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